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2008 Mumbai Attacks: 26/11 हमले की साजिश के कितने चेहरे, इन सबका हुआ क्या, कितनों को अब भी पाल रहा पाकिस्तान?

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Fri, 11 Apr 2025 06:48 PM IST

सार

2008 के मुंबई हमले की साजिश में किस-किसका नाम सामने आ चुका है? इन लोगों के बारे में क्या-क्या जानकारियां सामने आई हैं? कितने लोगों का कनेक्शन पाकिस्तान से मिला है और कितनों ने इस पड़ोसी देश में पनाह ली? आइये जानते हैं...
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भारत में 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को भारत लाया जा चुका है। अब भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उससे पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि इसके बाद भारत को 26/11 हमले से जुड़ी वह जानकारियां मिलेंगी, जिनसे पाकिस्तान की सेना और सरकार में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले सरगनाओं की भूमिकाएं और ज्यादा साफ होंगी। 

इस बीच यह जानना अहम है कि आखिर तहव्वुर राणा के अलावा 2008 के मुंबई हमले की साजिश में किस-किसका नाम सामने आ चुका है? आइये जानते हैं...
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भारत में 26/11 मुंबई हमले के साजिशकर्ता। - फोटो : अमर उजाला
2008 के मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर हुसैन राणा को भारत लाया जा चुका है। अब भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) उससे पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि इसके बाद भारत को 26/11 हमले से जुड़ी वह जानकारियां मिलेंगी, जिनसे पाकिस्तान की सेना और सरकार में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले सरगनाओं की भूमिकाएं और ज्यादा साफ होंगी। 

इस बीच यह जानना अहम है कि आखिर तहव्वुर राणा के अलावा 2008 के मुंबई हमले की साजिश में किस-किसका नाम सामने आ चुका है? आइये जानते हैं...

1. मुंबई पर हमले को अंजाम देने वाले आतंकी



Tahawwur Rana Timeline: 26/11 हमले के बाद कैसे पकड़ा गया तहव्वुर राणा, भारत प्रत्यर्पण से पहले क्या-क्या हुआ?

2. हमले के साजिशकर्ता कौन-कौन थे?

2008 के मुंबई हमले के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसके राजनीतिक विंग- जमात-उद-दावा के सरगनाओं की मिलीभगत की पुष्टि हुई थी।

  • लश्कर-ए-तैयबा को खड़ा करने में आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी की बड़ी भूमिका। 2008 के आतंकी हमलों में उस पर हमलावरों को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी थी। 
  • पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और ओकारा में ठिकाना। प्रशिक्षण में आए आतंकियों के बीच चाचू नाम से जाना जाता था। 
  • भारत के अलावा बोस्निया, अफगानिस्तान, इराक, चेचेन्या और दक्षिण-पूर्वी एशिया में कई आतंकी हमलों में नाम आ चुका है। 
  • 2008 के हमलों के बाद उस पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध समिति ने प्रतिबंध लगाए। अमेरिका ने वैश्विक आतंकी घोषित किया।
  • 2008 के हमलों के मामले में पाकिस्तान में गिरफ्तारी हुई। 2015 में जमानत पर छूटा। 2021 में फिर पकड़ा गया। 2024 में खुलेआम लाहौर से लेकर रावलपिंडी तक घूमने की बात सामने आई।

  • हाफिज सईद ने 1987 में पाकिस्तान में अब्दुल्ला आजम, जफर इकबार सरकार के साथ लश्कर-ए-तैयबा को खड़ा किया। जम्मू-कश्मीर में आतंक को मकसद बनाया। 
  • 2008 मुंबई हमले में उसके संगठन- जमात-उद-दावा के लश्कर से जुड़े होने की बात साबित हुई। उसे नजरबंद किया गया। 2009 में लाहौर हाईकोर्ट ने उसे रिहा किया। 
  • अगस्त 2009 में भारत की मांग पर इंटरपोल ने उसे और जकी-उर-रहमान को पकड़ने का रेड नोटिस जारी किया। पाक सेना ने बचाने के लिए फिर नजरबंद किया।
  • अप्रैल 2012 में अमेरिका ने वैश्विक आतंकी घोषित किया और 10 लाख डॉलर का इनाम रखा। इसके बावजूद सईद पाकिस्तान में आजाद घूमता रहा और खुलेआम प्रचार करता रहा।
  • जुलाई 2019 में पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया। दिसंबर 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद। फरवरी 2020-नवंबर 2020 में 5-5 साल की सजा मिली। इसके बाद 15.5 साल की और सजा हुई। 

  • साजिद मीर का नाता लाहौर से है। लश्कर के सबसे रहस्यमयी आतंकियों में शुमार मीर ने हमलों के बाद पहचान बदली। पाकिस्तान ने इस नाम के शख्स का अस्तित्व नहीं माना।
  • 2009 में फ्रांस के जज ने उसे पाकिस्तानी सेना का अधिकारी करार दिया। अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने के बाद पाकिस्तानी सरकार ने मीर को मरा बताया। 
  • 2011 में अमेरिका ने उस पर केस चलाया और वैश्विक आतंकी घोषित कर 50 लाख डॉलर का इनाम रखा। अमेरिका की एफबीआई, भारत की एनआईए ने उसे मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में रखा।
  • 2022 में पाकिस्तान ने एफएटीएफ के दबाव में गिरफ्तारी की बात कही। 2023 में भारत-अमेरिका ने उसे यूएन में आतंकी घोषित कराने की कोशिश की, जिस पर चीन ने रोड़ा अटकाया।

3. हैंडलर्स और अन्य आतंकी

  • 2009 में भारतीय जांच एजेंसियों को जरार शाह और अबु अल कामा नाम के दो आतंकियों के हमले से जुड़े होने की जानकारी मिली। 
  • जरार शाह की असल पहचान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखपुरा के रहने वाले अब्दुल वाजिद के तौर पर सामने आई। 
  • अबु अल कामा इसी प्रांत के मंडी तहसील के रहने वाले मजहर इकबाल का कोडनेम था। कुछ जगहों पर उसकी गिरफ्तारी की खबरें भी आईं।
  • इनकी असली पहचान उजागर करने में भारत की सुरक्षा एजेंसियों की मदद अमेरिकी एजेंसी एफबीआई ने की थी। 
  • इंटरपोल ने दोनों को लेकर रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से इन दोनों आतंकियों पर कार्रवाई को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली।

  • अबु जुंदाल भारत से ही जुड़ा आतंकी है। 2008 में आतंकी हमलों को अंजाम देने के बाद उसे पाकिस्तान ने पनाह दी। 
  • हालांकि, सऊदी अरब पहुंचने के दौरान उसे दबोच लिया गया। जून 2012 में सऊदी अफसरों की मदद से उसे प्रत्यर्पित कराया गया। 
  • हमलावर अजमल कसाब को अपने हैंडलर्स की ज्यादा जानकारी नहीं थी, पर अबु हमजा ने पूरे आतंकी अभियान की पोल खोल दी।
  • उसने बताया कि मुंबई हमले के लिए लश्कर ने कराची में कंट्रोल रूम बनाया और वहां चार हैंडलर्स की बदौलत हमलों को अंजाम दिलवाया।
  • हमजा के मुताबिक, 2008 में आईएसआई ने इस कंट्रोल रूम को खत्म किया। सऊदी अरब में उसके पास पाकिस्तानी पहचान पत्र भी मिले।
  • हमजा ने कहा कि 2008 से पहले 2006 में हमलों की तैयारी की गई थी। लेकिन औरंगाबाद में हथियारों की खेप पकड़े जाने से साजिश नाकाम हुई।
  • 2016 में उसे मकोका अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 

  • फहीम अंसारी उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। बाद में महाराष्ट्र के मुंबई में रहा। उसे 2008 में एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया गया। 
  • अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि उसने अपने साथी शहाबुद्दीन के जरिए लश्कर आतंकियों को मदद पहुंचाई।
  • शहाबुद्दीन बिहार का रहने वाला था। उस पर लश्कर का संपर्क बिंदू होने का आरोप लगा। 2008 में गिरफ्तारी हुई। 
  • फहीम और शहाबुद्दीन दोनों को ही मुंबई की अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्दोष माना।

  • अमेरिका में हेडली-तहव्वुर राणा दोनों पर दर्ज मामलों में सुनवाई हुई। यहां हेडली ने कोर्ट में बताया कि उसने राणा की मदद से मुंबई का दौरा किया। वीजा का इंतजाम भी तहव्वुर राणा ने ही कराया था।
  • डेविड हेडली ने दोनों मामलों में अभियोजकों को खुलकर तहव्वुर राणा के खिलाफ सबूत दिए। हालांकि, राणा के वकीलों का कहना था कि डेविड हेडली झूठ बोलकर बच निकलने में माहिर रहा है।
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