अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने वाले 250 से अधिक कैडेटों के जीवन में आज एक महत्वपूर्ण अवसर है। अकादमी से 252 कैडेटों ने प्रशिक्षण पूरा किया, अब वो भारतीय सेना के तौर पर देश की सेवा करने के लिए तैयार हैं। सुबह के सूरज में उनकी आंखें चमक रही थीं क्योंकि वे सेना के परंपरागत 'अलविदा' गीत 'औल्ड लैंग साइन' की धुन पर प्रशिक्षण अकादमी को अलविदा कह रहे थे। सेंट थॉमस माउंट ओटीए में कुल 252 अधिकारी कैडेटों ने आज सफलतापूर्वक अपना प्रशिक्षण पूरा किया।
198 सज्जन कैडेट और 38 महिला कैडेटों ने भारतीय सेना के अधिकारियों के रूप में अपना नया करियर शुरू किया। भूटान से चार सज्जन कैडेट और दो महिला कैडेट, अफगानिस्तान के आठ सज्जन कैडेट और फिजी के दो सज्जन कैडेटों को सेना में शामिल किया गया। जनरल अभय कृष्ण ने सभा को संबोधित किया और बटालियन अंडर ऑफिसर (बीयूओ) सिद्धार्थ सिंह को स्वार्ड ऑफ ऑनर और बीयूओ रविना पुणिया को प्रतिष्ठित स्वर्ण पदक दिया।
इस अवसर पर भावनात्मक पिपिंग समारोह का आयोजन किया गया जिसमें अधिकारी कैडेटों के माता-पिता ने रैंकिंग बैज के साथ अपने बच्चों की वर्दी पिन की। सेना में शामिल हुए कैडेटों ने 'ईमानदारी से सेवा' करने की शपथ ली भले ही उनका जीवन 'संकट' में क्यों न हो। पासिंग आउट परेड एक द्वि-वार्षिक कार्यक्रम है जहां ओटीए में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने वाले कैडेटों को आधिकारिक तौर पर भारतीय सेना में शामिल किया जाता है।