गुजरात शिक्षा विभाग ने उन अनुदानित माध्यमिक और उच्च विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाही करने का मन बना लिया है, जिन्होंने राज्य सरकार द्वारा चालाए गए प्रधानाचार्यो की नियुक्ती अभियान में हिस्सा नहीं लिया। ऐसे विद्यालयों का 25 प्रतिशत अनुदान काट लिया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस कदम का स्कूल मैनेजमेंट और ट्रस्टी जमकर विरोध कर रहे हैं। जिसके चलते उन्होंने सरकार को इसके विरोध में पत्र भी लिखा है।
गुजरात स्टेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है कि अभियान में भाग न लेने वाले हर विद्यालय के कारणों की अलग से जांच की जानी चाहिए। एसोसिएशन का कहना है कि कुछ विद्यालय वास्तविक कारणों के चलते अभियान में भाग नहीं ले पाए थे।
4 जून से शुरू हुए अभियान में 2,123 प्रधानाचार्यों की भर्ती की जानी थी। लेकिन कई विद्यालयों ने अभियान में भाग नहीं लिया, जिसके चलते 25 प्रतिशत स्थान रिक्त रह गए। जिसके बाद स्कूलों के आयुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये।
एसोसिएशन के अध्यक्ष भास्कर पटेल का कहना है कि एक स्कूल के सालाना 1.25 से 1.50 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। जिसमें स्कूलों को बुनियादी ढांचे और उपकरणों की लागत के साथ-साथ रख-रखाव का भी ध्यान रखना पड़ता है। अगर अनुदान से 25 प्रतिशत काट लिया जाएगा तो सभी स्कूल गंभीर समस्या में आ जाएंगे।