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इस साल ढाई गुना ज्यादा बनेंगी देश में सड़कें, 25,000 किलोमीटर सड़क बनाने का लक्ष्य

Thu, 21 Apr 2016 04:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सड़क निर्माण की तेज गति से उत्साहित केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चालू वर्ष केदौरान सड़क बनाने के लक्ष्य में ढाई गुना की बढ़ोतरी कर दी है। इस दौरान सड़कें भी ज्यादा बनेंगी और ज्यादा परियोजनाओं के ठेके भी जारी किए जाएंगे।
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राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वर्ष 2016-17 के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के अवार्ड और निर्माण के लक्ष्य में 2.5 गुना बढ़ोतरी की गई है। बीते वर्ष मंत्रालय के अच्छे प्रदर्शन से उत्साहित गडकरी ने विश्वास व्यक्त जताया है कि पिछले वर्ष सड़क निर्माण ने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह कम न हो बल्कि इसे और गति मिले। उन्होंने 2016-17 में 25,000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग की परियोजनाओं के ठेके जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्ष 2015-16 में 10,000 किलोमीटर सड़कों के ठेके छोड़े गए थे। 

उन्होंने बताया कि चालू वर्ष केदौरान 15,000 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है, जबकि पिछले वर्ष 6,000 किलोमीटर राजमार्ग का निर्माण हुआ था। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जिन परियोजनाओं के लिए ठेका छोड़ा जाना है, उनमें राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई)  की 15,000 किलोमीटर सड़कें होंगी।
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 इसके अलावा सीधे राजमार्ग मंत्रालय के तहत बनने वाली सड़कों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम (एनएचआईडीसीएल) के तहत 10,000 किलोमीटर सड़कों की परियोजना का ठेका छोड़ा जाएगा। इस साल सड़क बनाने के लक्ष्य में 8,000 किलोमीटर सड़क एनएचएआई का होगा जबकि मंत्रालय द्वारा सीधे बनने वाली और एनएचआईडीसीएल की सड़कों की लंबाई 7,000 किलोमीटर होगी। 

 राजमार्ग के निर्माण के लिहाज से वर्ष 2015-16 सकारात्मक उपलब्धि वाला साल रहा है। इस दौरान कुल मिलाकर 10,000 किलोमीटर सड़कों के लिए ठेका जारी किया गया है। केन्द्रीय राजमार्ग मंत्रालय के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। यही नहीं, इस साल 6,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण भी पूरा हुआ। मतलब हर दिन 16 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनीं। इससे पहले तो यह आंकड़ा 10 से नीचे ही रहता था। 

अधिकारियों का कहना है कि नितिन गडकरी ने अनेक नीतिगत हस्तक्षेपों के जरिये सड़क परियोजनाओं में तेजी लाई। इनमें मंत्रालय को आपूर्ति की प्रणाली में निर्णय लेने का अधिकार दिया जाना, परियोजनाओं के अनुमोदन की सीमा रेखा में बढ़ोतरी, अंतर-मंत्रालयी समन्वय निकास नीति में वृद्धि, हाइब्रिड एनुइटी मॉडल की तरह नए मॉडल को बढ़ावा देना, बीओटी परियोजनाओं के लिए कंशेसन एग्रीमेंट में संशोधन आदि शामिल हैं। इसके अलावा बीओटी प्रणाली में ठप  पड़ी राजमार्ग परियोजना के लिए कंशेसनायरों को युक्तिसंगत मुआवजा देने का भी नियम बना। तभी तो नितिन गडकरी ने हर रोज 100 किलोमीटर  सड़क बनाने का लक्ष्य तय किया है। 
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