पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए उद्योगपतियों से सरकार के साथ मिलकर काम करने को कहा है। इस काम के लिए 24 कॉरपोरेट घरानों ने मंत्रालय से हाथ मिलाया है। जो औद्योगिक घराने इस समझौते से जुड़े हैं, वह हर साल पर्यावरण मंत्रालय को जलवायु परिवर्तन मामले में किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट सौंपेंगे।
वर्चुअल इंडिया के सीईओ फोरम के तहत बृहस्पतिवार को दिल्ली में औद्योगिक घरानों के प्रमुखों के साथ करार पर हस्ताक्षर किए गए। इस मौके जावड़ेकर ने कहा कि भारत पेरिस समझौते के तहत की गई जलवायु परिवर्तन की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए न केवल सरकारी पर निजी क्षेत्र भी अब उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की शुरुआत करने जा रहा है। परिचर्चा में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, डालमिया सीमेंट, अंबुजा सीमेंट, डॉ रेड्डी, सन फार्मा और अडानी ट्रांसमिशन सहित अन्य सीईओ ने हिस्सा लिया।
जावड़ेकर ने कहा कि भारत उन चंद देशों में शामिल है, जो तापमान को दो डिग्री कम करने के लिए जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए न केवल सरकारी स्तर पर बल्कि निजी स्तर पर भी कई निर्णायक कदम उठा रहा है। उन्होंने कहा निजी कंपनियों द्वारा स्वेच्छा से इस मुहिम से जुड़ने का ऐतिहासिक महत्व है। आने वाले समय में यह देश को जलवायु परिवर्तन की परेशानियों से बचाने के साथ-साथ अन्य उद्योगों को पर्यावरण अनुकूल काम करने की प्रेरणा भी देगा।