पिछले तीन साल के अंदर देश में बैंकों के साथ वित्तीय घोटालेबाजी करने के लिए सीबीआई जांच के निशाने पर आए 24 भारतीय विदेशों में रह रहे हैं। यह जानकारी सरकार की तरफ से गुरुवार को संसद में दी गई। विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
मुरलीधरन ने कहा कि सीबीआई इन सभी को देश में मुकदमों का सामना करने के लिए वापस लाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए प्रत्यर्पण आग्रह जारी कराए जा रहे हैं। मुरलीधरन ने कहा कि सीबीआई की तरफ से 1 जनवरी, 2016 से इस साल 31 मई तक दर्ज किए गए मामलों में से अभी तक 5 आरोपियों के प्रत्यर्पण आग्रह उन्हें शरण देने वाले देशों को भेजे जा चुके हैं।
मुरलीधरन ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हवाले से बताया कि यह जांच एजेंसी भी 28 ऐसे भारतीयों की जांच कर रही है, जो विभिन्न आपराधिक मामलों में आरोपी हैं। इनमें से कुछ पहले से ही विदेश में रहते हैं और बाकी एजेंसी की तरफ से जांच शुरू करने से पहले ही देश छोड़कर जा चुके थे।
इनमें से 25 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जबकि 14 के खिलाफ प्रत्यर्पण प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम-2018 (फेओआ) के तहत 7 लोगों और मनी लान्ड्रिंग अधिनियम के तहत 3 लोगों को भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।