| राज्य |
कुल सीट |
क्षेत्रीय दल |
2014-जीत |
| यूपी |
80 |
सपा+बसपा +आरएलडी |
05 |
| महाराष्ट्र |
48 |
एनसीपी |
04 |
| पश्चिम बंगाल |
42 |
टीएमसी |
34 |
| बिहार |
40 |
राजद |
04 |
| तमिलनाडु |
39 |
डीएमके |
00 |
| कर्नाटक |
28 |
जेडीएस |
02 |
| आंध्र प्रदेश |
25 |
टीडीपी |
16 |
| झारखंड |
14 |
झामुमो |
02 |
| असम |
14 |
एआईडीयूएफ |
03 |
| दिल्ली |
07 |
आप |
04 (पंजाब में जीते) |
| जम्मू-कश्मीर |
06 |
नेशनल कॉन्फ्रेंस |
00 |
13 क्षेत्रीय दलों को 2014 में 74 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 2014 में 44 सीटें मिली थीं। इस तरह मंच पर मौजूद 14 बड़े दलों के 2014 में 118 सीटें जीती थीं।
गठबंधन की सरकार बनने का सिलसिला प्रचंड बहुमत पाकर मोदी सरकार ने तोड़ी मगर देश में गठबंधन सरकार की राजनीति दशकों पुरानी है। 42 साल में देश में 5 बड़े गठबंधन हुए मगर सिर्फ दो ही 5 साल सरकार चलाने में कामयाब हो सके। सत्तर के दशक में शुरू हुई गठबंधन की राजनीति 1999 तक अपना जादू नहीं दिखा पाई। इस दौरान चार बड़े गठबंधन हुए मगर कोई भी पांच साल तक सरकार चलाने में कामयाब नहीं हो सका। भाजपा के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने दो बार और कांग्रेस कि अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) ने 2004 से 2014 तक सरकार चलाई।
जनता गठबंधन, 1977
आपातकाल की समाप्ति के बाद देश में 1977 में चुनाव हुए। दस पार्टियों ने कांग्रेस के खिलाफ गठबंधन किया और सरकार बनाई। इस गठबंधन का नाम पड़ा जनता गठबंधन। गठबंधन सरकार में मोरारजी देसाई नेता चुने गए और देश के पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने। मोरारजी सरकार अंदरूनी कलह की वजह से 2 साल और 128 दिन ही चल सकी।
एडी देवेगौड़ा- इंद्र कुमार गुजराल
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