सुप्रीम कोर्ट की ओर से 9 नवंबर, 2022 से 10 नवंबर, 2024 तक के जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की ओर से सिफारिश किए गए 303 उम्मीदवारों में से 170 को केंद्र सरकार ने मंजूरी दी। 17 नाम अभी भी सरकार के पास मंजूरी के लिए लंबित हैं। इस अवधि के दौरान जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) थे।
पूर्व सीजेआई चंद्रचूड़ के समय 303 नामों की सिफारिश
आंकड़ों के अनुसार, अनुशंसित 303 नामों में से 12 नाम हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के पूर्व या सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से संबंधित थे और एक नाम जिसका संबंध हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त या सेवारत सदस्य से था, उसे केंद्र द्वारा मंजूरी नहीं दी गई। नुपुर भाटी को राजस्थान हाईकोर्ट में जज नियुक्त किया, उसी कोर्ट में उनके पति जस्टिस पुस्पेंद्र सिंह भाटी भी न्यायाधीश थे। राजस्थान हाईकोर्ट में ही नियुक्त योगेंद्र कुमार पुरोहित के बहनोई जस्टिस मनोज व्यास और उमा शंकर व्यास भी उसी हाईकोर्ट में न्यायाधीश थे। राजस्थान हाईकोर्ट में जज नियुक्त किए गए प्रवीर भटनागर राजस्थान हाईकोर्ट से सेवानिवृत्त हुए जस्टिस रणवीर सहाय वर्मा के बेटे हैं।
पुत्र और दामाद भी जज
प्रशांत कुमार पूर्व जस्टिस माहेश्वरी प्रसाद सिंह और मनीष कुमार निगम पूर्व जस्टिस रमेश प्रसाद निगम के पुत्र हैं। शैलेश प्रमोद ब्रह्म पूर्व जस्टिस प्रमोद शांताराम के पुत्र हैं, रविंद्र कुमार अग्रवाल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस एसके एग्रवाल के रिश्तेदार हैं, रोहित कपूर (पी) पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अमर दत्ता शर्मा के दामाद हैं।
पटना हाईकोर्ट में नियुक्त रुद्र प्रकाश मिश्रा पूर्व न्यायाधीश जस्टिस श्याम शंकर त्रिपाठी के दामाद हैं, बिभु दत्ता गुरु सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा के रिश्तेदार हैं, दीप्तेंद्र नारायण रे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जीएन रे के पुत्र हैं और दिल्ली हाईकोर्ट में नियुक्त तेजस धीरेनभाई करिया पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बीएन करिया के पिता और गुजरात हाईकोर्ट में सेवारत न्यायाधीश जस्टिस बीडी करिया के भाई हैं।