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Supreme Court Hearing: सीएए समेत 220 जनहित याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, दो साल से हैं लंबित

Mon, 12 Sep 2022 07:09 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

शीर्ष अदालत ने 18 दिसंबर, 2019 को हुई सुनवाई में सीएए पर रोक से इनकार किया था, हालांकि केंद्र को नोटिस जारी कर जनवरी, 2020 के दूसरे सप्ताह तक अपना पक्ष रखने को कहा था।
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट 220 जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई कर सकता है। इनमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) की वैधानिकता के खिलाफ दायर याचिकाएं भी शामिल हैं। करीब दो वर्ष से लंबित इन याचिकाओं पर चीफ जस्टिस यूयू ललित और एस रवींद्र भट की पीठ सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के अनुसार 220 याचिकाएं इस पीठ के सामने सूचीबद्ध की गई हैं।

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शीर्ष अदालत ने 18 दिसंबर, 2019 को हुई सुनवाई में सीएए पर रोक से इनकार किया था, हालांकि केंद्र को नोटिस जारी कर जनवरी, 2020 के दूसरे सप्ताह तक अपना पक्ष रखने को कहा था। फिर कोविड महामारी में सुनवाई नहीं हो पाई। उल्लेखनीय है कि सीएए के तहत पड़ोसी देशों पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश से 31 दिसंबर, 2014 या उससे पहले भारत आए गैर-मुस्लिमों जैसे हिंदू, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी को भारत की नागरिकता दी जा सकती है। 

याचिकाओं में क्या है?
इंडियन मुस्लिम लीग की याचिका में सीएए को समानता के मूल अधिकार का उल्लंघन बता आपत्ति जताई गई है। यह गैरकानूनी प्रवासियों को नागरिकता देते समय धर्म के आधार पर भेद करता है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सीएए को मूल अधिकारों पर हमला कहा है। याचिका के अनुसार, यह कानून धर्म व भौगोलिक परिस्थितियों के दो वर्ग बनाता है।
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राजद नेता मनोज झा, तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा भी सीएए की सांविधानिकता को चुनौती दी है। वी द वीमन ऑफ इंडिया की एक अन्य याचिका घरेलू हिंसा पीड़िताओं के मामले में दायर है। कहा है कि कानून बने 15 साल हो गए, पर पीड़िताओं को प्रभावी कानूनी मदद नहीं मिल पाती।  

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