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भारत में फ्रांस और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय सहमति के विपरीत: पूर्व राजदूत

Tue, 10 Nov 2020 03:46 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
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इमैनुएल मैक्रों - फोटो : सोशल मीडिया
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भारत में फ्रांस और उसके राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय सहमति के विपरीत थे और फ्रांस में हुए बर्बर आतंकी हमले का सभी लोकतांत्रिक देशों पर असर पड़ेगा। भारत के 22 पूर्व राजदूत ने साझा बयान में कहा कि भारत ने फ्रांस और मैक्रों का समर्थन में मजबूती से खड़ा होकर एकदम सही किया क्योंकि हाल के दिनों में दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्ते बेहद मजबूत हुए हैं।

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इसके साथ ही यह ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय सहमति में किसी भी हाल में आतंकवाद को जायज नहीं ठहराया जा सकता। इस परिप्रेक्ष्य में देखें तो भारत में फ्रांस व फ्रांसीसी राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन इसका उल्लंघन है।


पूर्व राजदूतों ने शनिवार को बयान जारी कर कहा, फ्रांस में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा बर्बर हमले का उन सभी लोकतांत्रिक देशों के निहितार्थ है। भारत दशकों से सीमा पार राज्य प्रायोजित आतंकवाद से जूझ रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को वैश्विक शांति व स्थिरता के लिए खतरा बताया है। पूर्व राजदूतों में कंवल सिंह, शशांक, बासवती मुखर्जी, पिनाक रंजन चक्रवर्ती और रुचि घनश्याम शामिल हैं।

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