दिल्ली में 13 सितंबर 2008 को हुए सीरियल बम धमाका मामले में अदालत ने मंगलवार को इंडियन मुजाहिदीन के सह-संस्थापक यासीन भटकल व अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिये। राजधानी के कई स्थानों पर हुए धमाकों में 26 लोग मारे गये थे और 135 लोग जख्मी हो गए थे।
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ शर्मा ने यासीन भटकल व उसके सहयोगी असदुल्ला अख्तर पर आतंकी साजिश रचने, अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम व एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया। पेश मामला दक्षिण दिल्ली के जीके-एक की एम ब्लॉक मार्केट में दो धमाकों में नौ लोगों के जख्मी होने से जुड़ा है। इस मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को होगी।
आरोपियों के वकील एमएस खान ने कहा कि उनके मुवक्किल बेकसूर हैं और वह मुकदमा लड़ेंगे। पुलिस के मुताबिक राजधानी में 13 सितंबर 2008 को करोल बाग, जीके व कनाट प्लेस में बाराखंभा रोड पर धमाके हुए थे। एक बम इंडिया गेट के नजदीक पुलिस ने बरामद किया था। इन धमाकों की साजिश आईएम के लिए भटकल व अख्तर ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर की थी। एनआईए ने भटकल को भारत-नेपाल सीमा से 23 अगस्त, 2013 को गिरफ्तार किया था।