2008 मालेगांव बम धमाके के आरोपी मेजर रमेश उपाध्याय को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को जमानत दे दी। कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपए के निजी बॉन्ड पर जमानत दी। कोर्ट ने उपाध्याय की जमानत याचिका को समानता के आधार पर स्वीकार किया है क्योंकि इस मामले में दूसरे प्रमुख आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कोर्ट में जब उपाध्याय की जमानत का विरोध किया तो कोर्ट ने जवाब में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के समानता के निर्देश की वजह से हमारे हाथ बंधे हुए हैं। कोर्ट ने उपाध्याय के वकील से पूछा कि मालेगांव ब्लास्ट में उपाध्याय की भूमिका मुख्य आरोपी श्रीकांत पुरोहित के मुकाबले बड़ी थी या नहीं।
इस पर वकील ने इनकार किया और कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में जनरल पुरोहित को जमानत दी और दो अन्य आरोपी सुधाकर चतुर्वेदी और सुधाकर धार द्विवेदी भी बाहर आ चुके हैं। इसलिए कोर्ट से उपाध्याय को भी जमानत मिलनी चाहिए।