दिल्ली-एनसीआर में 15 साल से पुराने वाहनों पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है।
बहुप्रतीक्षित वाहन कबाड़ नीति को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शुक्रवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई। यह नीति एक अप्रैल 2020 से लागू हो जाएगी। इसका मकसद 20 साल और इससे अधिक पुराने कमर्शियल (वाणिज्यिक) वाहनों को परिवहन से हटाना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में वाहन प्रदूषण को रोकने के लिए इस नीति का एलान किया था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत, वित्त, सड़क परिवहन और राजमार्ग, भारी उद्योग और स्टील विभाग समेत अन्य कई मंत्रालयों के सचिव शामिल हुए। इसमें इस नीति को सिद्धांत रूप में स्वीकृति दी गई। इस नीति के तहत वाणिज्यिक वाहनों की समय सीमा 20 साल तय की गई है।
पुराने वाहन देकर नए वाहन लेने पर होगा फायदा
सूत्रों का कहना है कि कबाड़ वाहनों की जगह नए वाहनों की खरीद में 15 से 20 फीसदी का फायदा हो सकता है। इस वाहन नीति को जीएसटी परिषद के पास भेजा जाएगा और उससे कबाड़ वाहनों की जगह नए वाणिज्यिक वाहनों की खरीद के लिए जीएसटी दर 28 फीसदी की जगह 18 फीसदी करने का अनुरोध किया जाएगा। जीएसटी परिषद इस पर केंद्र और राज्यों से चर्चा के बाद कोई फैसला लेगी।