ओडिशा के बालासोर जिले में एक कॉलेज छात्रा को आत्मदाह के लिए उकसाने के आरोप में दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी पुलिस ने सोमवार को दी। 20 वर्षीय छात्रा, जो फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज में पढ़ती थी, ने 12 जुलाई को खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि कॉलेज में हुए यौन उत्पीड़न की शिकायत को संस्थान की आंतरिक जांच समिति ने खारिज कर दिया था। इलाज के दौरान 14 जुलाई को उसकी मौत हो गई थी।
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अब किसे-किसे किया गया गिरफ्तार?
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दो लोगों में से एक ज्योति प्रकाश बिस्वाल है, जो खुद भी उसी कॉलेज का छात्र है और आग लगने के दौरान छात्रा को बचाने की कोशिश में झुलस गया था। उसे हाल ही में कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी मिली थी। दूसरा आरोपी सुभ्र संभव नायक है, जो एक छात्र संगठन का राज्य संयुक्त सचिव बताया जा रहा है। इन दोनों को रविवार देर रात उनके घरों से गिरफ्तार किया गया।
पहले ही दो लोग हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में इससे पहले कॉलेज के सहायक प्रोफेसर समीरा कुमार साहू और पूर्व प्राचार्य दिलीप घोष को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
क्या है पूरा मामला?
छात्रा ने कॉलेज के इंटीग्रेटेड बीएड विभाग के विभागाध्यक्ष (एचओडी) के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन कॉलेज की आंतरिक जांच समिति ने उस शिकायत को अमान्य घोषित कर दिया। इसके बाद पीड़िता ने कथित तौर पर न्याय नहीं मिलने पर आत्मदाह कर लिया। उसे पहले बालासोर जिला अस्पताल और फिर AIIMS भुवनेश्वर में भर्ती कराया गया, जहां वह दो दिन बाद दम तोड़ गई।
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न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों
पुलिस ने बताया कि बिस्वाल और नायक को रविवार रात बालासोर के सब-डिविजनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (एसडीजेएम) के आवासीय कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला राज्य में उच्च शिक्षा संस्थानों में यौन उत्पीड़न और उस पर होने वाली कार्रवाई की गंभीरता पर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने जांच की गति तेज कर दी है और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों को सख्त सजा मिलेगी।