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परेशानी: 2-डीजी दवा उपलब्ध नहीं, लेकिन मरीजों से लाने को कह रहे अस्पताल

Sun, 23 May 2021 06:12 AM IST
Jeet Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक से आने लगी है मांग
  • सोशल मीडिया पर डीआरडीओ की दवा मांग रहे लोग, फर्जी दावे भी बढ़ें
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2dg दवा के लॉचिंग के दौरान - फोटो : ANI and The QNS
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विस्तार
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दिल्ली हार्ट एवं लंग्स इंस्टीट्यूट में भर्ती 68 वर्षीय मरीज रीता (बदला हुआ नाम) कोरोना के चलते गंभीर हालत में हैं। यहां डॉक्टरों ने उनके बेटे से कहा है कि मरीज को तत्काल डीआरडीओ की 2-डीजी दवा देनी है। इसके लिए डॉक्टरों ने बकायदा प्रिस्क्रिप्शन पर यह लिखकर दिया है कि इस मरीज को सबसे ज्यादा 2-डीजी दवा की आवश्यकता है।

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इतना ही नहीं अस्पताल से बताया गया कि यह दवा एम्स में मिल सकती है लेकिन जब बेटा वहां पहुंचा तो एम्स ने साफ कहा कि यह गलत जानकारी है। अभी इस दवा का इस्तेमाल परीक्षण से बाहर नहीं किया जा रहा है। यह दवा बाजार में उपलब्ध नहीं है।

रीता की तरह कई मरीज हैं जिनका उपचार दिल्ली के नामचीन प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है और यहां के डॉक्टर उनके परिजनों से दवा का इंतजाम करने की सलाह दे रहे हैं।
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इतना ही नहीं उत्तर प्रदेश , हरियाणा, उत्तराखंड और पंजाब तक के अस्पतालों में इस तरह की प्रैक्टिस चल रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि दिल्ली के बाजार में यह दवा मिल रही है वहां से ले आओ। इसे लेकर जब अमर उजाला ने बृहस्पतिवार को डीआरडीओ, आईसीएमआर, दिल्ली एम्स सहित कई स्थानों पर पड़ताल की तो पता चला कि यह दवा अभी भी परीक्षण की स्थिति में है।

इस पर जो अध्ययन किया है वह अभी तक कहीं मेडिकल जर्नल में प्रकाशित नहीं हुआ है। वहीं हैदराबाद स्थित डॉ. रेड्डी फॉर्मा कंपनी ने कहा है कि अभी इस दवा का उत्पादन चल रहा है। पैकिंग- वितरण में अगले माह तक का समय लगेगा और उसके बाद भी यह सीधे अस्पताल या कोविड सेंटर में ही उपलब्ध होगी।

दवा बनाने वाली कंपनी को ही अभी कीमत नहीं पता
2- डीजी दवा को लेकर अफवाहें काफी तेजी से फैली हैं। यहां तक कहा जा रहा है कि एक पैकेट 500 रुपये का दिल्ली में मिल जाएगा। जबकि पड़ताल के दौरान जब दवा बनाने वाली कंपनी डॉ. रेड्डी फार्मा से संपर्क किया तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अभी इस दवा की कीमत के बारे में उन्हें ही जानकारी नहीं है।

जब तक वे इसकी कीमत निर्धारित नहीं कर लेते तब तक कैसे बता सकते हैं कि यह कितने रुपये की होगी? डॉ. रेड्डी ने अमर उजाला से यह भी कहा है कि लोग महामारी के इस वक्त में काफी अफवाहों को बढ़ावा दे रहे हैं । ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

आईसीएमआर ने कहा, दवा के असर पर अभी जानकारी नहीं
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि डीआरडीओ ने 2- डीजी दवा तैयार की है। इस पर अध्ययन हुआ है जिसके आधार पर ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने इसे अनुमति दी है लेकिन अभी यह अध्ययन कहीं प्रकाशित नहीं हुआ है।

इसलिए दवा के असर पर फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है। वहीं स्वास्थ्य भारत अभियान के संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने दवा मंगाने वाले ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। 

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