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Karnataka: जेडी (एस) एमएलसी सूरज रेवन्ना के खिलाफ यौन शोषण की धमकी देकर जबरन वसूली का मामला, 2 लोगों पर FIR

Sat, 22 Jun 2024 01:28 AM IST
विशांत श्रीवास्तव अमर उजाला, न्यूज डेस्क, होलेनारसीपुरा

सार

जनता दल (सेक्युलर) एमएलसी सूरज रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न का झूठा केस दर्ज करवाने और पैसे ऐंठन की कोशिश के मामले में पुलिस ने पार्टी के एक कार्यकर्ता और उसके रिश्तेदार पर एफआईआर दर्ज की है।
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सूरज रेवन्ना - फोटो : ani
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विस्तार
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जनता दल (सेक्युलर) के एक कार्यकर्ता और उसके रिश्तेदारों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी के एमएलसी सूरज रेवन्ना के खिलाफ यौन उत्पीड़न का झूठा मामला दर्ज कराने और पैसे ऐंठने के आरोप में यह  मुकदमा दर्ज किया गया है।

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सूरज रेवन्ना के करीबी ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामले में सूरज रेवन्ना के करीबी सहयोगी शिवकुमार ने शुक्रवार को शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके आधार पर चेतन केएस और उनके बहनोई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चेतन ने भी शुक्रवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और सूरज रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।

एचडी रेवन्ना के बेटे हैं सूरज रेवन्ना
सूरज रेवन्ना होलेनरासीपुरा से विधायक एचडी रेवन्ना के बेटे और हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के बड़े भाई हैं। प्रज्वल रेवन्ना पर कई महिलाओं से यौन उत्पीड़न का आरोप है और वह पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस शिकायत में शिवकुमार ने बताया कि चेतन ने पहले उनसे दोस्ती की और फिर 'सूरज रेवन्ना ब्रिगेड' के लिए काम करने लगा।

शिवकुमार ने आगे बताया कि चेतन ने परिवार के खर्चों को पूरा करने के लिए पैसे मांगे थे, लेकिन जब उसे इनकार कर दिया, तो आरोपी ने सूरज रेवन्ना पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पुलिस शिकायत दर्ज करने की धमकी दी।

शिवकुमार ने दावा किया है कि चेतन ने पहले तो झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 5 करोड़ रुपये की मांग की और बाद में 2 करोड़ रुपये मांगने लगा।

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प्रज्ज्वल के खिलाफ हुआ था प्रदर्शन
इससे पहले  कई महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल (सेक्युलर) के निलंबित नेता प्रज्ज्वल रेवन्ना के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया था और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने ‘हासन चलो’ मार्च में शिरकत की मामले की निष्पक्ष जांच की भी मांग की थी। इस मार्च का आयोजन ‘नवेड्डु निलादिद्दरे’ नामक मानवाधिकार समूह द्वारा किया था। इसमें राज्य भर से महिलाओं, श्रमिकों, किसानों और दलितों ने हिस्सा लिया था।

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