पीपीई की तरह एन-95 मास्क भी भारत में विदेशों से आते थे लेकिन अब हर दिन देश में 2.30 लाख एन-95 मास्क का उत्पादन हो रहा है। केंद्र सरकार ने 2.72 करोड़ एन-95 मास्क खरीदने का लक्ष्य रखा है जिसमें छह घरेलू कंपनियों को 1.49 करोड़ मास्क की जिम्मेदारी सौंपी है।
जबकि सात नई निर्माता कंपनियों को भी अब मंजूरी मिल चुकी है। अब तक सरकार को 49.12 लाख एन-95 मास्क मिल चुके हैं जिन्हें सभी राज्यों तक पहुंचा दिया है। अगले दो माह में 1.40 करोड़ मास्क की आपूर्ति हो जाएगी।
पीडी वाघेला का कहना है कि पीपीई की तरह एन-95 मास्क की गुणवत्ता जांच के लिए लैबों की संख्या बढ़ाने पर काम चल रहा है। क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है, इससे उत्पादन में भी तेजी आएगी।
ऐसे समझें, कैसे भारत में बनने लगे एन-95 मास्क
| तारीख |
एन-95 मास्क (प्रति दिन) |
| 30 मार्च |
68,350 |
| 6 अप्रैल |
41,150 |
| 13 अप्रैल |
80,500 |
| 20 अप्रैल |
1.97 लाख |
| 30 अप्रैल |
2.02 लाख |
(एक मार्च से उत्पादन की कवायद शुरू हुई थी। इससे पहले भारत में एन-95 मास्क नहीं बनते थे।)