12 मार्च 1993 को 12 बम धमाकों से मुंबई को दहला देने वाले अबु सलेम ने यूरोप कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स का दरवाजा खटखटाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उसका मानना है कि मुंबई कोर्ट की ओर से किया गया ट्रायल गैरकानूनी है। अबु सलेम ने अपनी याचिका में पुर्तगाल लौटने की इच्छा जताई है।
बता दें कि शुक्रवार को कोर्ट ने अबु सलेम समेत 6 आरोपियों को दोषी करार दिया है और सोमवार को दोषियों को सजा सुनाई जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या अबु सलेम को फांसी की सजा सुनाई जाएगी। बता दें कि अबू सलेम का 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पण हुआ था।
इस केस में अबू सलेम को दोषी करार तो दे दिया गया है लेकिन उसे फांसी की सजा नहीं हो सकती क्योंकि पुर्तगाल से प्रत्यर्पण इसी शर्त पर हुआ था कि सलेम को मौत की सजा नहीं दी जाएगी। बताया जा रहा है कि उसे करीब 25 साल की जेल जरूर हो सकती है।