1993 मुंबई ब्लास्ट केस के मामले में अभियोजन पक्ष ने फिरोज खान और मुस्तफा के लिए फांसी की सजा की मांग की है। वहीं, सीबीआई काउंसिल ने कहा है कि फिरोज खान का रोल याकूब मेनन के जैसा ही था।
1993 Blasts Case: Prosecution asks for death penalty for Feroz Khan. CBI Counsel says that his role was parallel to that of Yakub Memon..
— ANI (@ANI_news) June 27, 2017
बता दें कि 12 मार्च 1993 मुंबई में अलग-अलग जगहों पर 12 बम दागे गए थे, जिसमें करीब 257 लोगों की मौत हुई थी और 713 लोग घायल हुए। इसके अलावा हमले में 27 करोड़ रुपये की संपत्ति बर्बाद भी हुई थी। बम ब्लास्ट के आरोपी अबू सलेम और मुस्तफा डोसा के खिलाफ विशेष टाडा अदालत में केस चल रहा था।
इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अबु सलेम समेत 7 के खिलाफ फैसला सुनाया गया था। कोर्ट ने अबु सलेम और 5 आरोपियों को दोषी माना, जबकि मामले में सातवें आरोपी अब्दुल कय्यूम को पर्सनल बॉन्ड पर बरी कर दिया था। मामले की सुनवाई में कोर्ट ने हत्या और साजिश के आरोप में अबु सलेम, मुस्तफा डोसा, उसके भाई मोहम्मद डोसा, फिरोज अब्दुल राशिद और मर्चेंट ताहिर, करीमुल्लाह शेख को दोषी करार दिया था।