1984 के सिख विरोधी दंगों में एक नया मोड़ आया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दंगों से जुड़ी 190 से ज्यादा फाइलें जमा कराने को कहा है।
इससे पहले सिख दंगों से जुड़ा मामला उस समय गरमा गया था जब दंगों से जुड़े केसों की पैरवी कर रहे वकील एचएस फुलका ने कहा था कि अब वो 1984 के दंगों के केसों की पैरवी नहीं करेंगे। बल्कि इससे जुड़े सभी केसों की पैरवी उनकी बेटी एडवोकेट प्रभसहाय कौर के नेतृत्व में वकीलों की टीम करेगी।
ये दंगे 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद देश भर में हुए थे। दंगों के दौरान हुई हत्या, लूटपाट और आगजनी में कई परिवार पूरी तरह तबाह हो गए थे।
इस साल जनवरी में केंद्र सरकार ने दंगा पीड़ित 32 परिवारों को मुआवजा देने के लिए 1.30 करोड़ की धनराशि जारी की थी। लेकिन बाद में परिजनों ने ये आरोप लगाया था कि उन्हें मुआवजे का एक ढे़ला भी नहीं मिला।