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56 फीसदी चंदा भाजपा को इलेक्ट्रोरल ट्रस्ट से मिला

Tue, 26 Apr 2016 03:00 PM IST
अमित कुमार निरंजन/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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करोड़ो रुपए का आया चंदा
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राजनैतिक पार्टियों को इलेक्टोरल ट्रस्टों की ओर से 2014-15 में जमकर चंदा दिया गया। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की ने 15 इलेक्टोरल ट्रस्ट द्वारा राजनैतिक पार्टियों को दिए गए चंदे की रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 6 इलेक्टोरल ट्रस्ट ने 177.40 करोड़ रुपए का चंदा दिया। इसमें से सबसे ज्यादा चंदा सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट ने दिया है।
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इसका ब्यौरा इलेक्टोरल ट्रस्ट ने चुनाव आयोग को दिया गया है। लेकिन इसके अलावा 131.65 करोड़ रुपए(अज्ञात स्त्रोत) के डोनेशन का ब्योरा जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट ने नहीं दिया है। क्योंकि चुनाव आयोग ने जनवरी 2013 के बाद बने इलेक्टोरल ट्रस्ट को वार्षिक ब्योरा देने का निर्देश दिया था जबकि जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट इससे पहले बना ट्रस्ट है।
एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट, प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट, जनप्रगति इलेक्टोरल ट्रस्ट, बजाज इलेक्टोरल ट्रस्ट, ट्राइफ इलेक्टोरल ट्रस्ट, समाज इलेक्टोरल ट्रस्ट ने कुल 177.40 करोड़ (99.92 फीसदी) का चंदा राजनैतिक पार्टियों को दिया है। इसके अलावा बाकी नौ इलेक्टोरल ट्रस्ट ने न किसी से चंदा लिया और न ही किसी को दिया।
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सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट को 2014-15 में इंडियाबुल्स ने 40 करोड़, डीएलएफ लि. ने 25करोड़, भारती एयरटेल लि. ने 25 करोड़, डीएलएफ सिटी डेवलेपर्स लि. ने 12 करोड़, डीएलएफ एसेस्ट्स प्रा. लि. और हीरो मोटरकॉर्प लि. ने 8-8 करोड़, भारती इंफ्राटेल लि. ने 6 करोड़, कल्पतरू पावर ट्रांसमिशन लि. ने 4 करोड़, जुबिलंट फूडवर्क्स लि. ने ढाई करोड़ रुपए व अन्य स्त्रोतों को मिलाकर 141.78 करोड़ का चंदा दिया।

4 ट्रस्टों ने चार राष्ट्रीय दलों को दिया चंदा

बीजेपी
इसके अलावा प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल ट्रस्ट को टाटा स्टील लि. ने 14 करोड़ व टाटा सन्स लि. ने 4 करोड़ व टाटा की 5 अन्य ईकाईयों से करीब 6 करोड़ का चंदा दिया गया। कुल मिलाकर प्रोग्रेसिव इलेक्टोरल को 25.149 करोड़ का चंदा प्राप्त हुआ। जबकि सिएट लि., जेनसर टेक्नॉलोजी लि., केईसी इं.लि. ने जनप्रगति इलेक्टोरल ट्रस्ट को सवा-सवा करोड़ से ज्यादा का चंदा दिया। इस लिहाज से इस ट्रस्ट को 4.02 करोड़ रुपए का चंदा मिला।

इसके अलावा बजाज इलेक्टोरल ट्रस्ट को एक मात्र कंपनी बजाज ऑटो लि. ने 3.05 करोड़ का चंदा दिया। जबकि विभिन्न कंपनियों के ओर से ट्राईफ इलेक्टोरल ट्रस्ट को 3.02 करोड़ रुपए और समाज इलेक्टोरल ट्रस्ट को 52.50 लाख रुपए का चंदा दिया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक जनप्रगति, प्रोग्रेसिव, सत्या और ट्राइफ ने भाजपा, कांग्रेस, एनसीपी, सीपीएम को सबसे ज्यादा 149.81 करोड़ रुपए का चंदा दिया। बीजेपी को सत्या ने 107 करोड़, प्रोग्रेसिव और ट्राइफ ने करीब दो-दो करोड़ का चंदा दिया है। जबकि बजाज, जनप्रगति और समाज इलेक्टोरल ट्रस्ट ने बीजेपी को चंदा नहीं दिया। जबकि जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट (अज्ञात स्त्रोत) से बीजेपी को करीब 63 करोड़ का चंदा मिला। इसके अलावा कांग्रेस को जनप्रगति से 3 करोड़ , प्रोग्रेसिव से करीब 10 करोड़, सत्या से पौने18 करोड़ रुपए चंदे के रूप में मिले, जबकि जनरल इलेक्टोरल ट्रस्ट (अज्ञात स्त्रोत) से 54 करोड़ का चंदा मिला।
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क्षेत्रीय पार्टियों को भी मिला करोड़ो चंदा

निर्वाचन आयोग - फोटो : PTI
एनसीपी को प्रोग्रेसिव व सत्या इलेक्टोरल ट्रस्ट से कुल मिलाकर 6.7 करोड़ और सीपीएम को ट्राईफ इलेक्टोरल ट्रस्ट से .02 करोड़ रुपए चंद के रूप में मिले। इसके अलावा छह इलेक्टोरल ट्रस्ट ने आप, बीजेडी समेत 15 क्षेत्रीय पार्टियों को कुल 27.58 करोड़ रुपए का चंदा दिया।

क्या है इलेक्टोरल ट्रस्ट
इलेक्टोरल ट्रस्ट किसी निजी कंपनी या संस्था द्वारा बनाया गया गैर लाभकारी संस्था होती है। जिसका काम विभिन्न स्त्रोतों से मिलने वाले चंदे का कम से कम 95 फीसदी चंदा राजनैतिक पार्टियों को चंदे रूप में देना होता है। इस चंदे की रकम पर टैक्स में छूट मिलती है।

रकम का स्त्रोत छुपाने का जरिया
एडीआर के फाउंडर मेम्बर प्रो. जगदीप छोकर ने बताया कि इलेक्टोरल ट्रस्ट चंदे के रूप में मिलने वाली रकम का स्त्रोत छुपाने का जरिया बनता जा रहा है। क्योंकि कोई कंपनी ट्रस्ट के माध्यम से चंदा पार्टियों को दे देती है लेकिन इस बात की भी आशंका है कि इन कंपनियों के माध्यम से किसी भी तरह का काला धन चंदे के रूप में दिया जा सकता है।
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