राजस्थान के एक 17 वर्षीय दिव्यांग लड़के ने कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश की लड़ाई के लिए पीएम-केयर्स फंड में 2 लाख रुपये दान कर दिए हैं, जो उसे दो राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने पर मिले थे।
महज 17 साल की उम्र में देश की जनता को सस्ती जेनरिक दवाइयां उपलब्ध कराने वाली स्टार्टअप कंपनी जेनरिक आधार चलाने वाले अर्जुन देशपांडे ने भी अपना तीन महीने का वेतन पीएम-केयर्स फंड में दान कर दिया है। जेनरिक आधार के संस्थापक और सीईओ अर्जुन की कंपनी डब्ल्यूएचओ से स्वीकृत कंपनियों से सीधे जेनरिक दवाइयों की खरीद करती है और उसे अपनी कंपनी से देशभर में जुड़े मेडिकल स्टोरों के जरिये सस्ते दाम पर उपलब्ध कराती है।
पीएम-केयर्स फंड में रक्षा क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनी जीआरएसई लिमिटेड ने 1 करोड़ रुपये, सरकारी स्वामित्व वाली एमओआईएल ने 45 करोड़ रुपये और सरकारी फर्टिलाइजर कंपनी इंडियन पोटाश लिमिटेड ने 5 करोड़ रुपये का योगदान देने की घोषणा की है। केंद्रीय रसायन व खाद मंत्री सदानंद गौड़ा ने ट्वीट के जरिये बताया कि सरकारी फर्टिलाइजर कंपनियां अभी तक 32 करोड़ रुपये इस फंड में दान कर चुकी हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी की अपील पर पीएम-केयर्स फंड में योगदान करने वालों में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज अंकुर मित्तल का भी नाम शामिल हो गया है। दोनों ने शुक्रवार को इस फंड में 1-1 लाख रुपये का दान दिया। अंकुर ने हरियाणा मुख्यमंत्री राहत कोष में भी 51 हजार रुपये का दान देने की घोषणा की है।