मामला बिगड़ता देख यूपी सरकार ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा है। इसके बाद, गुरुवार को आरोपी विधायक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने पॉक्सो समेत कई धाराओं में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इससे पहले पीड़ित के पिता की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी। आरोपी विधायक के भाई पर पीड़ित के पिता को पीटने का आरोप है।
पीड़िता ने बताया कि हम सब उनको भैया बुलाते थे। हमारे बड़े पापा उनके साथ ही रहा करते थे। कभी कभी वो हमारे घर भी आते थे और दादी से विशेष तौर पर अंडा फ्राई बनवाते थे और दादी उन्हें बनाकर खिलाती थी।
पीड़ित ने बताया कि पिछले साल गैंगरेप की वारदात के बाद मैं बहुत परेशान हो गई थी और घर लौटते ही अपनी चाची के पास दिल्ली चली गई। दिल्ली में मैंने पहली बार अपनी चाची को इस घटना के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने मेरे साथ घटी सारी घटना की जानकारी चाचा को दी।
उसने आगे कहा 17 अगस्त 2017 को मैं और चाचा अपनी आपबीती के साथ लखनऊ गए और वहां सीएम योगी आदित्यनाथ के घर पर अपनी दरख्वास्त दी। उन्होंने हमारी बातें सुनी और हमारी अर्जी वहां बैठे किसी व्यक्ति को दी लेकिन कुछ न कहा और न ही मामले में कोई संज्ञान ही लिया। पीड़ित ने आगे बताया कि जब सीएम से निजी तौर पर मिलने से भी कुछ नहीं हुआ तो उसने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी डीजीपी को चिट्ठी लिखकर मदद मांगी।
पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद भी कुछ नहीं हुआ। और तो और, पुलिसवालों ने नसीहत दी कि वह इस मामले में बीजेपी विधायक को न लाएं। लेकिन पिछले हफ्ते जब पीड़ित ने अपने पिता के साथ मारपीट की घटना सुनी तो उसने अगली ट्रेन पकड़कर लखनऊ पहुंची ताकि सीएम आदित्यनाथ से मुलाकात कर सके। लेकिन उसे समय नहीं दिया गया। जो लोग गेट पर थे उन्होंने कहा कि वह किसी और से मिल लें। हमने उनके सहयोगी से मिलने की बात की लेकिन उन्होंने मिलने से मना कर दिया। मुझे लगा कि मैं ही अपने परिवार और अपनी जिंदगी में आई मुसीबतों के लिए जिम्मेदार हूं और मैंने केरोसीन से खुद को पूरा भिगा लिया लेकिन मेरी जगह मेरे पिता ही मर गए।
आंखों से आंसू पोछते हुए पीड़िता की 11 साल की बहन ने बताया कि 'उन लोगों ने मेरे पापा को खूब मारा, पापा को नीम के पेड़ पर बांधकर पानी डाल -डाल कर मार रहे थे। कोई कुछ नहीं बोला. दादी वहीं बेहोश हो गई थी..हम वहां वापस नहीं जाएंगे। उसने कहा था कि अगर बोलोगी तो तुम्हारे पापा और परिवार को खत्म कर देंगे और उसने कर दिया। पीड़िता ने कहा -जान दे देंगे वापस नहीं जाएंगे। लेकिन ये लड़ाई जारी रहेगी। सिर्फ एफआईआर नहीं, उससे क्या होता है, उन सबकी गिरफ्तारी होनी चाहिए।