देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के प्रकोप के दौरान मई में एयर इंडिया, इंडिगो और विस्तार एयरलाइन के कुल 17 पायलटों की महामारी के कारण मौत हो गई। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
विमानन क्षेत्र के सूत्रों ने बताया कि इंडिगो के 10 और विस्तारा के दो पायलटों की मौत हुई है। एयर इंडिया के अधिकारियों ने बताया कि उसके पांच वरिष्ठ पायलटों की कोविड के कारण मौत हुई है जिनमें कैप्टन हर्ष तिवारी, कैप्टन जीपीएस गिल, कैप्टन प्रसाद कर्माकर, कैप्टन संदीप राणा और कैप्टन अमितेश प्रसाद शामिल हैं।
इंडिगो ने पायलटों की मौत पर कुछ नहीं कहा।लेकिन कंपनी ने बताया कि कुल 35,000 पात्र कर्मचारियों में से लगभग 20,000 कर्मचारियों को टीके की पहली खुराक दी गई है।अपने बयान में इंडिगो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मानव संसाधन के प्रमुख राज राघवन ने कहा कि वे जून के मध्य तक सभी कर्मचारियों को टीका लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सूत्रों ने बताया कि इंडिगो के पास एक मजबूत कल्याण योजना और परोपकारी नीति है जिसके तहत हर मृत पायलट के परिवार को पांच करोड़ रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि महामारी की पहली लहर में इंडिगो के चंद पायलट संक्रमित हुए थे जबकि दूसरी लहर में लगभग 450 पायलट कोविड से बीमार पड़े।
विस्तारा और एयरएशिया इंडिया जैसी निजी विमानन कंपनियां अब तक अपने क्रमश: 99 और 96 फीसदी पात्र कर्मियों को कोविड-19 टीके की पहली खुराक लगा चुकी हैं। जिन लोगों का कोविड-19 का इलाज चल रहा है या जो कोरोना वायरस के संक्रमण से उबर चुके हैं उन्हें टीकाकरण का पात्र नहीं माना जा रहा है।
इस बीच, एयर इंडिया ने टीकों की अनुपलब्धता के कारण देरी के बाद 15 मई से अपने कर्मचारियों का टीकाकरण शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि एयर इंडिया ने चार मई को कहा था कि वह अपने सभी कर्मचारियों को महीने के अंत तक कोविड रोधी टीका लगाएगा क्योंकि पायलटों के एक संघ ने प्राथमिकता के आधार पर उड़ान चालक दल के सदस्यों के टीकाकरण की मांग की थी।
छह दिन बाद, कंपनी ने अपने कर्मचारियों को बताया था कि वह टीकों की अनुपलब्धता के कारण 11 मई और 13 मई को दिल्ली हवाई अड्डे पर उनके लिए कोविड-19 टीकाकरण शिविर आयोजित नहीं कर पाएगी।