राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार में कुल 23 मंत्री बनाए गए हैं। इनमें से 13 कैबिनेट मंत्री हैं। कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रीय लोक दल से भी एक मंत्री बनाया गया है। खास बात यह है कि 23 में से 17 पहली बार मंत्री बने हैं। अब नजर इस बात पर है कि इन मंत्रियों को क्या पोर्टफोलियो दिया जाता है।
राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने आज इन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। 2013 में मोदी लहर भी में जिन विधायकों ने जीत दर्ज की थी उन्हें भी मंत्री बनाया गया है। इनमें रमेश मीणा, गोविंद डोटासरा, भंवर सिंह भाटी, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदना और राजेंद्र यादव के ना भी शामिल हैं जो पहली बार मंत्री बने हैं।
इन बड़े चेहरों को नहीं मिला मौका
पहली बार मंत्री बने 17 मंत्रियों में से 7 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्री हैं। खास बात ये भी रही कि इस बार कुछ प्रमुख चेहरों को कैबिनेट में जगह नहीं दी गई है जिन्हें 2008 में कांग्रेस सरकार में मंत्री बनाया गया था। ये नाम हैं- सी पी जोशी, हेमराम चौधरी, दीपेंद्र सिंह शेखावत, परसराम मोर्डिया और राजेंद्र परीक।
इसके अलावा अशोक बैरवा, महेश जोशी, जितेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह मालवीय, बृजेंद्र सिंह ओला और राजकुमार शर्मा को भी इस बार मंत्री नहीं बनाया गया है। ये सभी पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके हैं। इन सभी मंत्रियों के नाम सीएम अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच कई दौर की बैठकों के बाद तय किए गए हैं।
13 कैबिनेट मंत्री
बीडी कल्ला, शांति धारीवाल, परसादी लाल मीणा, मास्टर भंवरलाल मेघवाल, लालचंद कटारिया, डॉ रघु शर्मा, प्रमोद जैन भाया, विश्वेंद्र सिंह, हरीश चौधरी, रमेश चंद्र मीणा, उदयलाल आंजना, प्रताप सिंह खाचरियावास, सालेह मोहम्मद।
10 राज्य मंत्री
गोविंद सिंह डोटासरा, श्रीमति ममता भूपेश, अर्जुन बामनिया, भंवरसिंह भाटी, सुखराम विश्नोई, अशोक चांदणा, टीकाराम जूली, भजनलाल जाटव, राजेंद्र यादव, सुभाष गर्ग।