आपराधिक मामले
- कुल 2.27 करोड़
- एक साल से ज्यादा लंबित 1.67 करोड़ (73.54%)
- पांच साल से ज्यादा लंबित 49.81 लाख
महिलाओं द्वारा दायर मामले
- कुल 30,22,916
- आपराधिक मामले 15,67,112
दुष्कर्म : 17 साल में दोगुने निर्भया कांड के बाद भी बढ़े
21वीं सदी के पहले साल यानी 2001 में देश में दुष्कर्म के 16,075 मामले दर्ज किए गए थे। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा 2017 के लिए जारी अंतिम आंकड़ों में यह संख्या 32,559 है। सबसे दुखद तथ्य यह है कि दिसंबर 2012 में हुई निर्भया कांड के बाद दुष्कर्म के मामलों में एक ही वर्ष में 35.24 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
वर्ष मामले
- 2001 16,075
- 2002 16,373
- 2003 15,847
- 2004 18,233
- 2005 18,359
- 2006 19,348
- 2007 20,737
- 2008 21,467
- 2009 21,397
वर्ष मामले
- 2010 22,172
- 2011 24,206
- 2012 24,923
- 2013 33,707
- 2014 36,735
- 2015 34,651
- 2016 38,997
- 2017 32,559
कहां है त्वरित न्याय : सजा एक तिहाई में, लंबित रह जाते 90 प्रतिशत मामले
पुलिस और कोर्ट में दुष्कर्म और महिलाओं से हो रहे अपराधों पर तेजी से कार्रवाई न होना भी अपराधियों में डर खत्म कर रहा है। एनसीआरबी के अनुसार 2017 में पुलिस ने दुष्कर्म के 29.3 फीसदी मामलों में चार्जशीट ही दायर नहीं की। वहीं, अदालतों से भी मात्र 32.2 फीसदी आरोपियों को सजा हो सकी।
केस दुष्कर्म दुष्कर्म-हत्या कुल अपराध
चार्जशीट की दर 86.6 फीसदी 95 फीसदी 78.3 फीसदी
पुलिस के पास लंबित 29.3 फीसदी 32.9 फीसदी 32.9 फीसदी
कोर्ट में सजा की दर 32.2 फीसदी 57.9 फीसदी 23.9 फीसदी
कोर्ट के पास लंबित 87.5 फीसदी 90.1 फीसदी 89.6 फीसदी