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Corona virus second wave : देश के 149 जिले अभी भी कोरोना की दूसरी लहर से दूर

Sat, 10 Apr 2021 07:22 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

कोरोना वायरस की दूसरी लहर हर दिन तेजी से आगे बढ़ रही है। पिछले कुछ दिन से एक लाख से भी अधिक लोग रोजाना संक्रमित हो रहे हैं लेकिन राहत की बात है कि अभी भी 149 जिले संक्रमण से बचे हुए हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान यहां कोई मामला सामने नहीं आया है।
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कोरोना का टेस्ट करते - फोटो : pti
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विस्तार
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आठ जिलों में दो और तीन जिले में तीन सप्ताह से एक भी नया केस नहीं आया है। इसके अलावा देश के 63 जिले ऐसे भी हैं जहां 28 दिन से नया कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है और इन्हें रेड जोन से बाहर कर दिया है।

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शुक्रवार को यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने मंत्री समूह की बैठक में दी। इससे पहले बीते 28 जनवरी को मंत्री समूह की बैठक हुई थी लेकिन इसके बाद मामले कम होने की वजह से यह बैठक भी नहीं हुई।

इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश में कोरोना महामारी के वर्तमान हालात के बारे में बताया। मंत्री समूह की  इस 24वीं बैठक में जानकारी दी गई कि देश में अब तक 25.71 करोड़ सैंपल की जांच हो चुकी है। 2,449 लैब में कोरोना वायरस की जांच हो रही है जिनमें 1230 सरकारी और 1219 निजी लैब हैं।
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इनके अलावा अगर स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो 2084 विशेष कोविड अस्पताल (केन्द्र के 89 और राज्यों के 1995) देश भर में खोले गए हैं, जिनमें चार लाख 68 हजार 974 कोविड बिस्तर हैं। इनमें से दो लाख 63 हजार 573 आइसोलेशन बिस्तर हैं जबकि 50 हजार 408 आईसीयू और एक लाख 54 हजार 993 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं।

इसके अलावा 4,043 विशेष कोविड स्वास्थ्य केन्द्र (केन्द्र के 85 और राज्यों के 3958) स्थापित किए हैं। इनमें तीन लाख 57 हजार 96 कुल कोविड बिस्तर हैं, जिनमें से दो लाख 31 हजार 462 आइसोलेशन बिस्तर, 25 हजार 459 आईसीयू बिस्तर और एक लाख 175 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं। कुल 12,673 क्वारंटीन केन्द्र और 9,313 कुल कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 28 दिल्ली में हैं, जिनमें कुल 9,421 आइसोलेशन बिस्तर हैं।

डॉ. हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ समय में कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करना जरूरी है।

बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक विमानन मंत्री हरदीप एस. पुरी और स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे उपस्थित थे। जबकि जहाज रानी और जलमार्ग मंत्रालय के प्रभारी राज्य मंत्री मनसुख मांडविया और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय एवं नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉ. विनोद के. पॉल वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।

85 देशों को वैक्सीन दिया भारत ने

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत ने वैक्सीन मैत्री के जरिए 6.45 करोड़ खुराक 85 देशों को निर्यात की हैं। 25 देशों को वाणिज्यिक अनुबंध के तहत 3.58 करोड़ और 44 देशों को 1.04 करोड़ खुराक अनुदान के रूप में दी हैं। इनके अलावा 39 देशों को कोवैक्स के अंतर्गत 1.82 करोड़ खुराक दी गईं।

12.93 फीसदी की रफ्तार से देश में बढ़ा कोरोना
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि देश के 11 राज्यों में सबसे ज्यादा गंभीर हालात देखने को मिल रहे हैं। स्थिति यह है कि इन राज्यों की वजह से देश में 12.93 फीसदी की रफ्तार से कोरोना के नए मामले बढ़ रहे हैं।

वहीं दैनिक मामलों में औसत वृद्धि दर 5.37 फीसदी दर्ज की गई है। इसके अलावा रिकवरी दर में कमी आ रही है। एक महीने पहले तक देश में 97 फीसदी मरीज स्वस्थ्य हो चुके थे लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर 91.22 फीसदी पर आ चुका है।

15 से 44 साल वाले संक्रमण की चपेट में
बैठक के दौरान बताया गया कि देश में 54 फीसदी मामले 11 राज्यों में मिल रहे हैं। इन्हीं राज्यों में 65 फीसदी मौतें भी हो रही हैं। पिछले 14 दिन के दौरान महाराष्ट्र और पंजाब में अधिक मृत्यु के मामलों में और बढ़ोतरी हुई है।

इसी दौरान संक्रमित मरीजों की आयु को लेकर भी कहा गया कि कोरोना की दूसरी लहर में 15 से 44 साल की आयु वालों को सबसे अधिक वायरस चपेट में ले रहा है। वहीं अधिकांश मौतें 60 वर्ष से अधिक आयु वालों की दर्ज की गई हैं। कोरोना की पहली लहर में 40 या उससे अधिक आयु के लोग सबसे ज्यादा वायरस की चपेट में आ रहे थे।
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कोरोना की जांच पर नहीं दिया ध्यान
कई राज्यों ने कोरोना की जांच पर ध्यान नहीं दिया जिसका परिणाम है कि महाराष्ट्र में (25 प्रतिशत) और छत्तीसगढ़ में (14 प्रतिशत) अधिक संक्रमण दर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने मंत्री समूह को बताया कि कई राज्यों में आरटी पीसीआर और रेपिड एंटिजन टेस्ट का अनुपात संतोषजनक नहीं था। निजी क्षेत्र में जांच क्षमता का कई राज्यों में पूरा उपयोग नहीं किया।

केंद्र की टीमों ने किया खुलासा, नहीं दिखी सख्ती
केंद्र की ओर से राज्यों में भेजीं उच्च स्तरीय टीमों ने अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंप दी है। लगभग सभी टीमों की रिपोर्ट में यह बताया है कि कोविड अनुकूल व्यवहार यानी सही तरह से मास्क पहनने और आपस में सुरक्षित दूरी के पालन में उदासीनता और लापरवाही बरती गई। कंटेनमेंट जोन की गतिविधियों और भीड़भाड़ के अधिक आयोजनों से मामलों की संख्या में वृद्धि हुई।

वैक्सीन उत्पादन को बढ़ाने पर दे रहे जोर
बैठक में नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी.के. पॉल ने वैक्सीन उत्पादन में वृद्धि के प्रयासों का विवरण दिया और नैदानिक परीक्षण प्रक्रिया के वैक्सीन की प्रभावशीलता व समय सीमा के बारे में भी बताया। इस दौरान सचिव स्वास्थ्य राजेश भूषण भी मौजूद थे।
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