आठ जिलों में दो और तीन जिले में तीन सप्ताह से एक भी नया केस नहीं आया है। इसके अलावा देश के 63 जिले ऐसे भी हैं जहां 28 दिन से नया कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला है और इन्हें रेड जोन से बाहर कर दिया है।
शुक्रवार को यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने मंत्री समूह की बैठक में दी। इससे पहले बीते 28 जनवरी को मंत्री समूह की बैठक हुई थी लेकिन इसके बाद मामले कम होने की वजह से यह बैठक भी नहीं हुई।
इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए देश में कोरोना महामारी के वर्तमान हालात के बारे में बताया। मंत्री समूह की इस 24वीं बैठक में जानकारी दी गई कि देश में अब तक 25.71 करोड़ सैंपल की जांच हो चुकी है। 2,449 लैब में कोरोना वायरस की जांच हो रही है जिनमें 1230 सरकारी और 1219 निजी लैब हैं।
इनके अलावा अगर स्वास्थ्य सेवाओं की बात करें तो 2084 विशेष कोविड अस्पताल (केन्द्र के 89 और राज्यों के 1995) देश भर में खोले गए हैं, जिनमें चार लाख 68 हजार 974 कोविड बिस्तर हैं। इनमें से दो लाख 63 हजार 573 आइसोलेशन बिस्तर हैं जबकि 50 हजार 408 आईसीयू और एक लाख 54 हजार 993 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं।
इसके अलावा 4,043 विशेष कोविड स्वास्थ्य केन्द्र (केन्द्र के 85 और राज्यों के 3958) स्थापित किए हैं। इनमें तीन लाख 57 हजार 96 कुल कोविड बिस्तर हैं, जिनमें से दो लाख 31 हजार 462 आइसोलेशन बिस्तर, 25 हजार 459 आईसीयू बिस्तर और एक लाख 175 ऑक्सीजन सुविधा वाले बिस्तर हैं। कुल 12,673 क्वारंटीन केन्द्र और 9,313 कुल कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 28 दिल्ली में हैं, जिनमें कुल 9,421 आइसोलेशन बिस्तर हैं।
डॉ. हर्षवर्धन ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ समय में कोरोना महामारी की दूसरी लहर पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। हालांकि इसके लिए सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करना जरूरी है।
बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, नागरिक विमानन मंत्री हरदीप एस. पुरी और स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे उपस्थित थे। जबकि जहाज रानी और जलमार्ग मंत्रालय के प्रभारी राज्य मंत्री मनसुख मांडविया और गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय एवं नीति आयोग के सदस्य स्वास्थ्य डॉ. विनोद के. पॉल वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।