26 अक्टूबर को दिवाली से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश का अयोध्या लाखों दीयों की रौशनी से जगमगा उठा। मौका था “दीपोत्सव” का, जिसके लिए अयोध्या में 5.51 लाख ‘दीये’ जलाए गए। इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया था और इसका खर्च भी राज्य शासन ने ही वहन किया था। लेकिन इस आयोजन की खिलाफत करने वाले भी कम नहीं थे।
कई जगह ऐसी खबरें दिखाईं दीं, जिसमें यह दावा किया गया कि इस आयोजन में यूपी सरकार ने 133 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। क्योंकि यह रकम काफी बड़ी है, इसलिए इस पर चर्चा होना लाजमी भी है। जब अमर उजाला ने इस दावे की पड़ताल की तो कुछ और ही सच सामने आया। आज हम आपको इस आयोजन पर हुए खर्च और इस पर फैली अफवाह का सच बता रहे हैं, ताकि आप किसी भी प्रकार के भ्रम में न आएं।
26 अक्टूबर को दिवाली से एक दिन पहले उत्तर प्रदेश का अयोध्या लाखों दीयों की रौशनी से जगमगा उठा। मौका था “दीपोत्सव” का, जिसके लिए अयोध्या में 5.51 लाख ‘दीये’ जलाए गए। इस कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किया गया था और इसका खर्च भी राज्य शासन ने ही वहन किया था। लेकिन इस आयोजन की खिलाफत करने वाले भी कम नहीं थे।
कई जगह ऐसी खबरें दिखाईं दीं, जिसमें यह दावा किया गया कि इस आयोजन में यूपी सरकार ने 133 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। क्योंकि यह रकम काफी बड़ी है, इसलिए इस पर चर्चा होना लाजमी भी है। जब अमर उजाला ने इस दावे की पड़ताल की तो कुछ और ही सच सामने आया। आज हम आपको इस आयोजन पर हुए खर्च और इस पर फैली अफवाह का सच बता रहे हैं, ताकि आप किसी भी प्रकार के भ्रम में न आएं।
दावाकर्ता: जनसत्ता, आउटलुक, नेशनल हेराल्ड, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया, लाइवहिंदुस्तान, द इंडियन एक्सप्रेस, एबीपी न्यूज़, मुंबई मिरर, द हिंदू।
तारीख: 23 अक्टूबर 2019
दावा: "उत्तर प्रदेश सरकार ने इस आयोजन के लिए 133 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी हैं"।
ज्यादातर मीडिया रिपोर्टों मे गलत आंकड़ों को प्रकाशित किया गया था जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने ठीक एक दिन पहले ही अपनी प्रेस रिलीज मे यह जानकारी दी थी। जहां पर साफ लिखा था कि "लगभग 132.70 लाख रुपये के व्यय का अनुमान है।"
जनसत्ता में भी इस खबर को गलत आंकड़े के साथ प्राकाशित किया गया, जिसमें दीपोत्सव में 133 करोड़ की राशि के खर्चे की बात लिखी गई।
यह खबर गलत आंकड़े के साथ वायरल हो रही है और इसमें तथ्यों की जाँच पड़ताल के बिना खबर प्रकाशित की गई, कुछ मीडिया हाउस ने इसमें सुधार कर लिए मगर ज्यादातर पर आज भी ये खबर गलत आंकड़े के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। अयोध्या दीपोत्सव पर 1.33 करोड़ की राशि खर्च होने की बात बोली गई थी न कि 133 करोड़ रुपये की। ऐसी खबरों के बारे में आपको सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि एक फर्जी खबर आपको और हमको गलत तथ्य तो बताती ही है मगर साथ ही खबरों की हकीकत से दूर भी करती जाती है। ऐसी खबरों को शेयर, फॉरवर्ड करते समय थोड़ा सा जांच पड़ताल कर लें और उसके बाद ही आगे बढ़ाएं।
*Fact Check By Google Certified Fact Checker ( Rama Solanki )