अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि सिक्किम के मंगन जिले के लाचेन से 1,000 से ज़्यादा फंसे हुए पर्यटकों को बचाया गया। यहां कई जगहों पर भूस्खलन के कारण सड़क संपर्क टूट गया था। ये पर्यटक 5 अप्रैल से उत्तरी सिक्किम के लाचेन में फंसे हुए थे।
उत्तर सिक्किम में लाचेन और चुंगथांग के बीच सड़क संपर्क भूस्खलन के कारण बाधित हो जाने से सैकड़ों पर्यटक फंस गए हैं। खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच स्थिति गंभीर होते देख भारतीय सेना ने राहत और बचाव के लिए ‘ऑपरेशन हिम सेतु’ शुरू किया है। लाचेन क्षेत्र में अभी भी करीब 1,000 पर्यटक फंसे हुए हैं। अब तक 1321 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला जा चुका है।
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सेना की त्रिशक्ति कोर, जो पूर्वी सेना मुख्यालय के तहत कार्य करती है, ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित इलाके में पहुंचकर राहत अभियान तेज कर दिया है। कठिन पहाड़ी हालात और लगातार बर्फबारी के बावजूद जवानों ने महत्वपूर्ण दर्रों को खोलने और वैकल्पिक रास्तों को सक्रिय करने में सफलता पाई है, जिससे फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का रास्ता तैयार हो सका है। सेना ने बीआरओ के साथ मिलकर लगातार सड़क से मलबा हटाने, बर्फ साफ करने और संपर्क बहाल करने में जुटी है।
दुर्गम पहाड़ी इलाकों में यह काम बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन राहत दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। बचाव कार्य चरणबद्ध तरीके से चलाया जा रहा है। इसके साथ ही 32 हल्के वाहन और 10 मोटरसाइकिलों को भी बाहर निकाला गया है। सेना के वाहन खड़ी, बर्फ से ढकी सड़कों पर फंसे निजी वाहनों को खींचकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचा रहे हैं।
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मेडिकल और प्रशासनिक मदद
सेना स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर सहायता, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध करा रही है। प्राथमिकता गंभीर रूप से बीमार, बुजुर्ग और महिलाओं को दी जा रही है। मौसम में सुधार के साथ ही सैलानियों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान लगातार जारी है।
नागरिकों की सुरक्षा सेना का लक्ष्य
सेना के एक अधिकारी ने बताया कि नागरिकों की सुरक्षा और कुशलक्षेम सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जमीनी टीमें पूरी प्रतिबद्धता के साथ राहत कार्य में लगी हुई हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। भारी बर्फबारी और खराब मौसम के बीच चल रहा ‘ऑपरेशन हिम सेतु’ उत्तर-पूर्व के इस दुर्गम इलाके में सेना की तत्परता और मानवीय प्रयासों का एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।