वस्तु एवं सेवा कर के फर्जी चालान के जरिये कर चोरी के मामले में जीएसटी खुफिया निदेशालय (डीजीजीआई) ने एक और सीए समेत 132 लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक चार सीए गिरफ्तार हो चुके हैं। राजस्व विभाग के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि अक्तूबर और नवंबर में 1,63,042 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए हैं। यह कार्रवाई छह महीने से अधिक समय तक जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं करने के कारण की गई।
सूत्रों के मुताबिक चौथे सीए अक्षय जैन को विशाखापत्तनम से गिरफ्तार किया गया। अक्षय पर सीमेंट की 14 फर्जी कंपनियों के नाम पर 20.97 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक छह महीने तक जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाली कंपनियों को पहले रद्दीकरण नोटिस जारी किया गया था।
उसके बाद एसओपी के तहत उनका पंजीकरण रद्द किया गया। इसके अलावा 21 अगस्त 2020 से 16 नवंबर 2020 तक जारी किए गए 720 डीम्ड रजिस्ट्रेशन में से उन 55 को चिह्नित किया गया है जिनका आधार सत्यापन नहीं हुआ था। इन्हें रद्द करने की प्रक्रिया 27 नवंबर से शुरू की गई है।
डीजीजीआई ने फर्जी चालान के खिलाफ महीने भर के देशव्यापी अभियान में 132 लोगों को गिरफ्तार किया। इसमें कुल चार सीए और एक महिला शामिल हैं। इस दौरान देशभर में 4586 फर्जी जीएसटी कपंनियों के खिलाफ 1430 मामले दर्ज किए गए।
सूत्रों के मुताबिक एक दिसंबर तक बीते छह महीने का जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 28635 करदाताओं को भी चिह्नित किया गया है। सभी जीएसटी कमिश्नरेट को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए इनके पंजीकरण रद्द करने का निर्देश दिया गया है।