ब्यूरो / अमर उजाला देवरियाः कमाने गए यहां के 13 युवक एजेंट की जालसाजी से मलेशिया में फंस गए हैं। टूरिस्ट वीजा के चलते पुलिस ने उन्हें जेल में डाल दिया है। डेढ़ महीने से घरवालों से संपर्क नहीं हो सका है। इसके चलते परिवार के लोग परेशान हैं। पीएम और सीएम को संबोधित मांग पत्र डीएम अबरार अहमद को दिया।
शराफत खान और रसूल शेख निवासी कुर्मीपट्टी बरवा टोला-बघौचघाट बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आए लेकिन डीएम अबरार अहमद के तहसील दिवस में मौजूद रहने से मुलाकात नहीं हो सकी।
पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को संबोधित मांग पत्र में उन्होंने बताया कि एजेंट कौशल तिवारी ने 70-70 हजार रुपये में विदेश भेजने की बात कही। इसके बाद अहमद खान, गुड्डू शेख और मुसाहिब अंसारी निवासी सेमरी बघौचघाट, साजिद अली और मोहम्मद आरिफ निवासी बसडीला मैनुद्दीन, मोहम्मद असलम निवासी मेंहड़ा-पुरवा, मुहम्मद रब्बुल निवासी केहुनिया खामपार, संतोष प्रसाद और गम्हा प्रसाद निवासी सेमरी बघौचघाट, अंगद प्रसाद देवघाट-बघौचघाट, सुगंध शर्मा निवासी कुचइयां पथरदेवा 14 फरवरी को हैदराबाद के जरिए मलयेशिया गए।
उनके साथ संतकबीरनगर जिले के प्रतापपुर निवासी सिराजुद्दीन और बिहार के गोपालगंज स्थित कटेया के मेंहिया बैरिया निवासी अशोक भी गए हैं। अहमद के पिता शराफत खान और गुड्डू के पिता रसूख शेख ने बताया कि आखिरी बार 28 फरवरी को बात हुई। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।