महाराष्ट्र के पालघर की एक अदालत ने मेडिकल अधिकारी पर हमला करने और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में तोड़फोड़ करने के मामले में 13 लोगों को एक-एक साल की सजा सुनाई है।
प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट ओ. जे. कुलकर्णी ने शनिवार को आरोपियों को भादंवि की प्रासंगिक धाराओं, बंबई पुलिस अधिनियम, महाराष्ट्र मेडिकेयर सर्विस पर्सन एंड मेडिकेयर सर्विस इंस्टीट्यूशन अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।
अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा कि 14 नवंबर, 2014 को 70 वर्षीय एक व्यक्ति को छाती में दर्द की शिकायत के बाद उधावा गांव स्थित पीएचसी लाया गया था। डॉक्टर को मरीज के बारे में जानकारी दी गई, लेकिन उसके (डॉक्टर के) मरीज के पास आने से पहले ही व्यक्ति की मौत हो गई।
अभियोजक ने बताया कि गुस्साए रिश्तेदारों और कुछ स्थानीय लोगों ने वहां मौजूद मेडिकल अधिकारी डॉक्टर सचिन मणे से उस वक्त हाथापाई की जब वह उन्हें सांत्वना देने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने पीएससी में तोड़फोड़ भी की।
इन लोगों ने ब्लॉक विकास अधिकारी की कार भी क्षतिग्रस्त कर दी थी, जो तोड़फोड़ की घटना का पता चलने पर वहां पहुंचे थे।
संजय भोई (28), संदीप काले (28), देवराम लाहंगे (34), सुनील उर्फ कमलेश शिंदे (24), दीपक प्रजापति (27), अब्दुल पठान (30), भावेश धवनकर (31), अनिल गावली (24), राजू साठे (35), सुरेश गूटे (1 9), अनिल गूटे (23), अनिल चौधरी (2 9) और विनायक पवार (25) को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
मजिस्ट्रेट कुलकर्णी ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजक पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ सभी आरोप सिद्ध कर दिए हैं। उन्होंने प्रत्येक दोषी पर 500-500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।