नीट यूजी 2020 रिजल्ट में हेराफेरी करने के चलते 12 छात्रों और उनके पेरेंट्स के खिलाफ मामला दर्ज होगा। इन छात्रों ने अपनी मॉर्क्सशीट व आंसरशीट को फोटोशॉप में ले जाकर उन्हें बदल दिया।
इसके बाद बदली हुई मॉर्क्सशीट व आंसरशीट पेरेंट्स को दिखा दी। पेरेंट्स ने बिना सच्चाई जाने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए)को ईमेल के माध्यम से गलत व दो-दो मॉर्क्सशीट व कॉपी सही से न जांचने के आरोप लगा दिए। खास बात यह है कि छात्रों की हेराफेरी एनटीए द्वारा मॉर्क्सशीट के लिए तैयार किए गए क्यूआर से पकड़ी गई है।
हर पेरेंट्स का बस एक सपना होता है कि उनका बच्चा इंजीनियर या डॉक्टर बनें। पेरेंट्स अपने सपने पूरा करने के लिए बच्चों पर इस कदर प्रेशर डाला कि महज 17 साल के बच्चे अपनी मॉर्क्सशीट से ही छेड़छाड़ कर बैठे। इसमें छात्रों ने मॉर्क्सशीट व आंसरशीट (ओएमआर शीट)से हेराफेरी कर बदल दिया।
16 अक्तूबर देश के सभी मेडिकल कॉलेजों व एम्स में एमबीबीएस और बीडीएस प्रोग्राम में दाखिला प्रवेश परीक्षा का रिजल्ट नीट 2020 जारी हुआ। एनटीए प्रबंधन को पेरेंट्स ने ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी है।
पेरेंट्स ने एनटीए ही नहीं, बल्कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को शिकायत भेजी है। इन शिकायत में पेरेंट्स ने एनटीए की फूलप्रूफ व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कठघरे में खड़ा कर दिया।
-क्यूआर कोड के चलते रिजल्ट फ्रुलप्रूफ
एनटीए ने जेईई, यूजीसी नेट, नीट समेत अन्य प्रवेश परीक्षाओं के रिजल्ट को फुलप्रूफ बनाने के एक खास क्यूआर कोड तैयार किया है। इसमें हर छात्र का अलग क्यूआर कोड है। छात्र को संबंधित प्रवेश परीक्षा के रिजज्ट में मिले अंक को इनक्रिप्ट करके एक खास कोड में परिवर्तित किया है।
इसी के चलते छात्रों की हेराफेरी पकड़ में आ गई। इसके अलावा एनटीए ने एक खास सॉफ्टवेयर की मदद से एक फोंट भी तैयार किया है। इस फोंट को मॉर्क्सशीट व ओएमआर शीट में प्रयोग किया गया है।
-379 अंक को 650 किया
छात्र को नीट 2020 में 379 अंक मिले थे। लेकिन उक्त छात्र ने फोटोशाप के माध्यम से मॉक्र्सशीट में कैमिस्ट्री व बॉयोलॉजी के अंक में भी बदलाव कर उसे 650 कर दिया।हालांकि एनटीए ने क्यूआर कोड के माध्यम से ईमेल की शिकायत के बाद जांच में पकड़ लिया और पेरेंट्स को असली मॉक्र्सशीट भी भेज दी।
(नोट : छात्रों की उम्र 17 वर्ष के आसपास है। इसके चलते उनकी पहचान खबर में फिलहाल नहीं दी गई है। )