ईशा फाउंडेशन मुख्यालय में स्थापित आदियोगी के 112 फुट ऊंचे चेहरे को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया की विशालतम आवक्ष प्रतिमा के रूप में दर्ज किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाशिवरात्रि के दिन आदियोगी की इस मूर्ति का अनावरण किया था।
कोयंबटूर के बाहरी इलाके में वेलंगिरि की पृष्ठभूमि में स्थित ईशा फाउंडेशन के मुख्यालय में स्थापित आदियोगी प्रतिमा के बारे में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में बताया गया है कि यह 112 फुट 4 इंच ऊंची, 81 फुट 11.8 इंच चौड़ी और 147 फुट 3.7 इंच लंबी है। सद्गुरु के मुताबिक प्रतीकात्मक रूप से 112 एक महत्वपूर्ण अंक है क्योंकि आदियोगी ने इनसानों के लिए अपनी चरम क्षमता को प्राप्त करने के 112 मार्ग बताए।
आदियोगी का भव्य चेहरा स्टील का बना है जिसे डिजाइन करने में लगभग ढाई साल लगे। ईशा फाउंडेशन की टीम ने उसे आठ महीनों में तैयार कर दिया। आदियोगी को श्रद्धांजलि देते हुए प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में महायोग यज्ञ का आरंभ किया, जिसमें 10 लाख लोगों ने योग के एक सरल तरीके को कम से कम 100 लोगों को सिखाने और कम से कम 10 करोड़ लोगों के जीवन तक पहुंचाने की शपथ ली।
एक चैनल द्वारा देश के 50 सबसे प्रभावशाली लोगों में शामिल किए गए सद्गुरु एक योगी, आध्यात्मिक गुरु, दूरदर्शी और बेस्टसेलर लेखक हैं। 2017 में सद्गुरु को पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।