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110 आईपीएस पुलिस कप्तान तो बन गए: मगर ट्रेनिंग में फाउंडेशन कोर्स करने से चूके, करनी होगी 90 दिन की पढ़ाई

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आईपीएस - फोटो : एएनआई
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भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 110 अधिकारी, पुलिस कप्तान तो बन गए हैं, लेकिन वे ट्रेनिंग के दौरान किन्हीं कारणों से 'स्पेशल फाउंडेशन कोर्स' करने से चूक गए। डीओपीटी ने अब इन सभी बैकलॉग आईपीएस के लिए 90 दिन के कोर्स का शेड्यूल तैयार किया है। ये आईपीएस, जिस भी कैडर में हैं, वहां की अथॉरिटी से इन्हें तुरंत रिलीव करने के लिए कहा गया है।
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कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) की तरफ से 29 सितंबर को उक्त बैकलॉग आईपीएस की सूची प्राप्त हुई है। 'स्पेशल फाउंडेशन कोर्स' करने वाले 110 आईपीएस की सूची में 2019 से लेकर 2024 तक के बैच के अफसर शामिल होंगे। 

इन आईपीएस के लिए दो 'स्पेशल फाउंडेशन कोर्स' का शेड्यूल तय किया गया है। पहले समूह में 17 आईपीएस शामिल किए गए हैं। इनका कोर्स 26 अक्तूबर से 18 दिसंबर तक चलेगा। इसमें सिविल सर्विस परीक्षा 2020, बैच 2021 के आईपीएस रहेंगे। यह कोर्स हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (हिपा) गुरुग्राम में आयोजित होगा।  
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दूसरे समूह में 93 आईपीएस के कोर्स का शेड्यूल तय किया गया है। इसमें सिविल सर्विस परीक्षा 2021, बैच 2022 के 22 आईपीएस, सिविल सर्विस परीक्षा 2022, बैच 2023 के 28 आईपीएस और सिविल सर्विस परीक्षा 2023, बैच 2024 के 33 आईपीएस शामिल होंगे। इनका कोर्स 12 अक्तूबर से 18 दिसंबर तक चलेगा। यह कोर्स डॉ. एमसीआर एचआरडी इंस्टीट्यूट ऑफ तेलंगाना, में संपन्न होगा।

आईपीएस अधिकारी की पदोन्नति और वरिष्ठता, ट्रेनिंग अकादमी में होने वाली विभिन्न परीक्षा/कोर्स में आने वाले नंबरों के आधार पर तय होती है। आईपीएस अधिकारियों का बैकलॉग कोर्स, जिसे स्पेशल फाउंडेशन कोर्स कहा जाता है, यह एक अनिवार्य प्रशिक्षण है। यह कोर्स उन अफसरों के लिए आयोजित किया जाता है, जो किन्हीं कारणों से तय समय पर अपना सामान्य या प्रारंभिक फाउंडेशन कोर्स पूरा नहीं कर पाते हैं। यदि कोई आईपीएस, इस बैकलॉग कोर्स को छोड़ देता है या इसमें उपस्थित नहीं होता है, तो डीओपीटी द्वारा संबंधित राज्यों या कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी को ऐसे अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी जाती है। 

इस तरह का कोर्स, शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक हिस्सों का एक मिश्रण होता है। इसमें कानून, सामान्य जन से जुड़ी नीतियां, बेसिक अर्थशास्त्र, और डेटा एनालिटिक्स जैसे अलग-अलग विषयों के करीब डेढ़ दर्जन मॉड्यूल होते हैं। गैर-शैक्षणिक हिस्से में फील्ड विजिट, खासतौर पर गांवों का दौरा शामिल रहता है। विकास की प्रक्रिया में सभी को साथ लेकर चलना और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े समकालीन मुद्दे भी उक्त ट्रेनिंग मॉड्यूल का हिस्सा होते हैं। आईपीएस अधिकारी के लिए उसके फील्ड से जुड़े कई ऐसे मॉड्यूल भी उक्त कोर्स में शामिल किए जाते हैं, जो उनकी रोजमर्रा की ड्यूटी के लिए जरूरी होते हैं। 

 
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