केरल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्कूल जाती छात्राएं
अगस्त में केरल में आई सदी की सबसे भीषण बाढ़ के असर रह-रहकर सामने आते ही जा रहे हैं। अब वहां 4-5 महीने में परीक्षाएं होने को हैं। स्कूल स्तर की परीक्षाओं में तो कुछ नरमी बरती जा सकती है, लेकिन असल समस्या उन बच्चों की है, जिनके 10वीं के एग्जाम हैं। बच्चों के नोट्स तो बाढ़ की वजह से खराब हो चुके हैं।
अब इतने कम समय में सभी विषयों के पूरे नोट्स दोबारा तैयार करना और फिर उन्हें याद करना बेहद मुश्किल है। ऐसे में दूसरे जिलों के जूनियर छात्र तक उनकी मदद के लिए आगे आ गए हैं। राज्य के जो हिस्से बाढ़ से बच गए थे, वहां 8वीं, 9वीं तक के बच्चे 10वीं क्लास के नोट्स तैयार कर रहे हैं और इसे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भेज रहे हैं।
ताकि वहां बच्चों को इन नोट्स से मदद मिल सके। तिरुअनंतपुरम की ईसाई संस्था लैटिन आर्चडायोसिस की तरफ से शुरू की गई इस पहल को अलग-अलग स्कूलों के 200 से ज्यादा बच्चों को जोड़ा गया है। ये बच्चे स्कूल में अपने पीरियड खत्म होने के बाद भी रुकते हैं। छुट्टी वाले दिन भी स्कूल आ रहे हैं।
इस समय में वो 10वीं के अलग-अलग विषयों के नोट्स तैयार करते हैं। स्कूल के शिक्षक बच्चों को बोल-बोलकर ये नोट्स लिखवाते हैं। अभी तक जो नोट्स तैयार हुए हैं, उन्हें अलप्पुझा और कोच्चि भेजा जा रहा है।