दुनिया की सबसे बुजुर्ग यू-ट्यूबर मस्तनम्मा 107 साल की उम्र में मशहूर होकर दुनिया को अलविदा कह गईं। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के छोटे से गांव की रहने वाली मस्तनम्मा अपने स्वादिष्ट खाने और काम करने के जज्बे को लेकर सोशल मीडिया में काफी चर्चें में रहीं। उनके यूट्यूब चैनल में अब तक 12 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हो गए थे।
मस्तम्मा ने खेत के बीच में अपना किचन बनाया हुआ था। वे लकड़ी के चूल्हे पर भोजन पकाती और इसके लिए वे केवल सूखी पत्तियों और लकड़ियों का प्रयोग करती थीं। वे चिकन बर्गर और केएफसी चिकन की पारंपरिक शैली भी बनाती थीं। 'एग इन टोमैटो' के अलावा उनके सबसे लोकप्रिय वीडियो 'वाटरमेलन चिकन' है। इसे यूट्यूब पर एक करोड़ बार देखा गया। विश्वभर में यूट्यूब पर मस्तनम्मा के जबरदस्त प्रशंसक हैं। मस्तनम्मा के फॉलोअर्स में भारत के अलावा अमेरिका, पाकिस्तान, यूके व मलेशिया के लोग शामिल हैं।
मस्तनम्मा को बचपन में एक परिवार ने गोद लिया था, क्योंकि उस परिवार में कोई बेटी नहीं थी। उन्होंने ही ‘मस्तनम्मा’ नाम दिया। हालांकि बचपन में ही मस्तनम्मा ने अपने नए परिवार के साथ रहने से मना कर दिया और अपने गांव वापस आ गईं। 11 वर्ष की उम्र में शादी आैर फिर 22 साल की उम्र में विधवा हो जाना, मस्तनम्मा के लिए बेहद ही कष्टकारी समय रहा। पति के गुजरने के बाद अपने पांच बच्चों का अकेले ही पालन-पोषण करना पड़ा। जीवन निर्वाह के लिए ये दिहाड़ी पर काम करने लगीं। जीवन चल ही रहा था कि महामारी की चपेट में आकर उनके चार बच्चों की मौत हो गई। पांचवां पुत्र जीवित तो रहा, लेकिन उसकी आंखें चली गईं थी।