भारत ने रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सशर्त मंजूरी देगा। शर्त के अनुसार 100 फीसदी एफडीआई की मंजूरी उसी कंपनी को मिलेगी जो पूरी तरह से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को इच्छुक होगी।
इस बात की जानकारी देते हुए एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने बताया कि भारत और अमेरिका सह-विकास और सह-उत्पादन के महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने को तैयार हैं। अमेरिकी कॉरपोरेट सेक्टर के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान पिछले सप्ताह भारत के रक्षा उत्पादन सचिव अशोक गुप्ता ने 100 फीसदी एफडीआई की सशर्त मंजूरी की बात कही थी।
कार्यक्रम का आयोजन अमेरिका-भारत सामरिक साझेदारी फोरम (USISPF) की ओर से किया गया था। इसमें बोइंग, लॉकहीड मार्टिन, बीएई सिस्टम्स, हनीवेल और एईसीओएम के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।
यूएसआईएसपीएफ की ओर से जारी एक मीडिया विज्ञप्ति के अनुसार अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी की रूप-रेखा की जानकारी देते हुए गुप्ता ने कहा कि अगर कंपनी पूरी तरह से टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करने को इच्छुक होगी तो भारत सरकार रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई की मंजूरी दे देगी।
चर्चा के दौरान कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों को अपनी चिंताओं से अवगत कराया। विज्ञप्ति के अनुसार अमेरिकी रक्षा उद्योग से जुड़े अधिकारियों ने भारत के इस कदम की सराहना की। यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष मुकेश अघी ने भारत और अमेरिका के बीच रक्षा और तकनीक हस्तांतरण के क्षेत्र में सहयोग को काफी महत्वपूर्ण बताया।