सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित पड़े करीब 1600 मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गईं 12 में से 10 स्पेशल कोर्ट ने काम शुरू कर दिया है। ये जानकारी देते हुए कानून मंत्रालय ने बताया कि शेष बची दो कोर्ट में से एक उत्तर प्रदेश और एक तमिलनाडु में जल्द ही शुरू होने की संभावना है।
यूपी-तमिलनाडु में जल्द शुरू होगी 1-1 और कोर्ट: कानून मंत्रालय
कानून मंत्रालय के न्याय विभाग की तरफ से 19 अप्रैल को कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा से किए गए एक पत्राचार में 10 स्पेशल कोर्ट के काम करने की जानकारी दी है और बताया है कि न्याय विभाग की तरफ से वित्त वर्ष 2017-18 में ही संबंधित राज्यों को स्पेशल कोर्ट गठित करने के लिए 65.04 लाख रुपये की निश्चित रकम भी जारी की जा चुकी है।
1600 मुकदमे लंबित हैं अदालतों में माननीयों के खिलाफ
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर, 2017 में आखिरी बार केंद्र सरकार को सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित पड़े 1581 आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए 12 स्पेशल कोर्ट गठित करने की योजना के लिए निर्देश दिया था। सर्वोच्च न्यायालय ने इस योजना को हरी झंडी दिखाते हुए केंद्र सरकार को उन राज्य सरकारों को अनुदान देने का निर्देश दिया था, जहां ऐसी स्पेशल कोर्ट गठित करने का प्रस्ताव था।
एक मार्च से शुरू करना था काम
इन कोर्ट को मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 1 मार्च से कार्य शुरू कर देना था। सुप्रीम कोर्ट ने इस कदम को राष्ट्रहित का करार दिया था। जनवरी में कानून मंत्रालय के सचिव (न्याय) ने कैबिनेट सचिव को इन 12 स्पेशल कोर्ट के एक साल के संचालन पर करीब 7.8 करोड़ रुपये का खर्च आने की जानकारी दी थी।
दिल्ली हाईकोर्ट स्पेशल कोर्ट को दे चुकी है मुकदमे
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में सांसदों-विधायकों के सभी मुकदमे इनके निपटारे के लिए बनी स्पेशल कोर्ट को स्थानांतरित करने के निर्देश जारी किए थे। ये सभी मुकदमे अभी दिल्ली की विभिन्न कोर्ट में चल रहे थे।