बिहार में शराब बंदी कानून लगू होने के बाद से कई पुलिस अधिकारियों पर गाज गिर चुकी है। कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से न चला पाने के कारण इस बार एक साथ 10 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। इन पुलिस वालों पर आरोप है कि यह अपने-अपने क्षेत्र में निषेध कानून को प्रभावी रूप से लागू नहीं कर पाए थे। पुलिस हेडक्वॉर्टर ने एक साथ 10 पुलिस अधिकारियों को सस्पेंड किया है। सस्पेड हुए पुलिस अधिकारियों की मुसीबत और बढ़ गई है। पुलिस हेडक्वार्टर ने इन पुलिस अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लिया है। अब इन पुलिस अधिकारियों को अगले 10 साल तक स्टेशन प्रभारी का चार्ज नहीं दिया जाएगा।
राज्य के कई जगहों के थाना प्रभारियों पर गिरी है गाज
मसौर्ही (पटना), मखदुमपुर (जहानाबाद), चांद (कैमूर), दिहरी (रोहतास), मरंगा (पूर्णिया), रुपौली (पूर्णिया), सुल्तानगंज (भागलपुर), मुफस्सिल (मोतिहारी), रून्नी सैदपुर (सीतामढ़ी) और बैरागनिया (सीतामढ़ी) चौकियों के थाना प्रभारी सस्पेंड किए गए हैं। बिहार पुलिस के शीर्ष अधिकारी का कहना है कि 'शराब बंदी कानून के बाद भी यह पुलिस वाले उसे रोकने में कामयाब नहीं हुए। इन पुलिस अधिकारी उन लोगों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया जो अवैध व देश में बनी शराब बेच रहे थे।
यहां तक कि, आबकारी अधिकारियों ने इन लोगों को अवैध शराब की मशीनों और शराब निर्माण इकाई के बारे में कई बार बताया था।' सुनील कुमार, एडीजी मुख्यालय का कहना है कि, "बिहार पुलिस मुख्यालय ने 10 एसएचओ को निषेध कानून को प्रभावी रूप से लागू न करने के जुर्म में निलंबित कर दिया है।
अगले 10 साल तक नहीं दिया जाएगा कोई चार्ज
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निलंबित थाना प्रभारियों के एरिए में अवैध शराब निर्माण की मशीनें लगीं थी लेकिन इन लोगों ने उन्हें बंद नहीं करवाया। अब सभी निलंबित 10 एसएचओ को अगले 10 साल तक किसी थाने या चौकी का प्रभार नहीं दिया जाएगा।" एडीजी, मुख्यालय ने यह भी बताया कि पिछले चार महीनों में पुलिस ने निषेध कानून का उल्लंघन करने के जुर्म में 4,736 लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि, "पुलिस ने अवैध रूप से बनी 96,878 लीटर देशी शराब और 52,530 लीटर विदेशी शराब जब्त की है।
अब तक 4700 लोगों को भी निषेध कानून का उल्लंघन करने के जुर्म में जेल भेजा है।" यही नहीं पुलिस मुख्यालय ने पिछले चार महीनों में निषेध कानूनों के उल्लंघन के जुर्म में 6 प्रशिक्षु कांस्टेबल को भी बर्खास्त किया है। पिछले सप्ताह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नई बिहार निषेध एवं आबकारी विधेयक, 2016 पारित कर दिया और यह सुनिश्चित किया कि निषेध कानून को सख्ती से पूरे राज्य में लागू किया जाए।