जदयू और भाजपा के सहयोगी दलों सहित पूर्वोत्तर की 10 पार्टियों ने नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने का मंगलवार को सर्वसम्मति से फैसला किया। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने यहां संवाददाताओं को यह जानकारी दी। संगमा और असम गण परिषद (एजीपी) द्वारा बुलाई गई राजनीतिक पार्टियों की एक बैठक में इस बारे में फैसला किया गया।
बैठक में भाग लेने वाले 10 राजनीतिक दलों में मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ), यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी), असम गण परिषद (एजीपी), नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ), नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी), हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी), पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ), इंडिजीनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) और केएचएनएएम शामिल हैं। बैठक में जदयू का प्रतिनिधित्व इसके पूर्वोत्तर प्रभारी एनएसएन लोथा ने किया।