20 हजार से अधिक पुलिस बल तैनात
जंतर-मंतर पर 10 अक्तूबर को प्रस्तावित कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली में 20 हजार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की गई है। संबंधित क्षेत्र में निषेधाज्ञा भी लागू है। इसके साथ ही दिल्ली में अगले दो दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी। शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के एहतियाती उपाय के तौर पर दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने यह निर्णय लिया है। दिल्ली में 9 और 10 अक्तूबर को सभी खुदरा शराब दुकानों को पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
कई ट्रेनें रद्द
राजधानी दिल्ली में 10 अक्तूबर को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और जाम की आशंका को देखते हुए भारतीय रेलवे ने कई ट्रेनों को निरस्त करने का फैसला लिया है। इससे प्रयागराज जंक्शन से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे ने 10 अक्तूबर को सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके प्रारंभिक स्टेशन से ही निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसके तहत नौ अक्तूबर को दोपहर दो बजे के बाद रवाना होने वाली संबंधित ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा।
45 मेट्रो स्टेशन बंद
दिल्ली पुलिस ने अनुसार शनिवार को 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिया था। जिसे दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अधिकारियों ने मंजूरी दे दी है। अब अगले आदेश तक 10 अक्तूब, 2026 को भी बंद रहेगी। डीएमआरसी के मुताबिक, मेट्रो स्टेशनों पर आने-जाने (एंट्री और एग्जिट) की सुविधा 9 अक्तूबर, 2026 को रात 9:00 बजे से बंद रहेगी और अगले आदेश तक 10 अक्तूबर, 2026 को भी बंद रहेगी।हालांकि, यात्रियों को इंटरचेंज सुविधाओं का लाभ उठाने की अनुमति होगी।
भाजपा का चंडीगढ़ में आप के खिलाफ प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शनिवार को चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन में भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और ड्रग्स की समस्या जैसे मुद्दों को उठाया जाएगा। उम्मीद है कि इस प्रदर्शन में राज्य के वरिष्ठ भाजपा नेता, जैसे पार्टी प्रभारी सतीश पूनिया, और अन्य प्रमुख नेता व पदाधिकारी शामिल होंगे। भाजपा इस विरोध प्रदर्शन के ज़रिए इन मुद्दों को उजागर करना चाहती है और अहम जन-मामलों के प्रबंधन के लिए राज्य सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहती है।