- अगर इन नए नियमों का उल्लंघन होता है तो संबंधित इलाके का पुलिस इंचार्ज इसके लिए जिम्मेदार होगा।
- बीते साल दिवाली से पहले कोर्ट ने 9 अक्तूबर को पटाखों पर अस्थाई रूप से प्रतिबंध लगा दिया था। यह प्रतिबंध प्रदूषण पर पड़ने वाले इसके प्रभाव की जांच करने के लिए लगाया गया था।
- वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने कि लिए देशभर में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मंगलवार को इसपर अहम निर्देश जारी किए। इससे पहले जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने 28 अगस्त को मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वकील का कहना है कि 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश ज्यादा सख्त नहीं हैं। हमने आशा की थी कि पटाखों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं।'
- दिल्ली में हाल ही के दिनों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 से भी ऊपर जा चुका है। यह इंडेक्स हवा में घुले जहरीले कण पदार्थों के बारे में बताता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक 100 से ऊपर के आंकड़े को अस्वास्थ्यकर माना गया है।