इंदौर से पटना जा रही ट्रेन के 14 डिब्बे रविवार सुबह 3.10 मिनट पर पुखराया के नजदीक पटरी से उतर गए।
हादसे में अबतक 115 लोगों के मरने की खबर है, वहीं 200 से ज्यादा लोग घायल हैं।
ट्रेन इंदौर से पटना जा रही थी। पुखरायां से कानपुर स्टेशन की तरफ जाते ही वो हादसे का शिकार हो गई।
स्लीपर के 6 डिब्बे, एसी के 5 डिब्बे, जनरल के 2 डिब्बे और एक लगेज का डिब्बा हादसे का शिकार हुआ है।
दो स्लीपर डिब्बे S1, S2 सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं।
घटना पर पीएम मोदी ने दु:ख जताया है। उन्होंने कहा है कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु इस मामले को खुद ही देख रहे हैं।
गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा 'इंदौर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद मौतों की खबर दर्दनाक है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं'।
पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद झांसी-लखनऊ इंटरसिटी, झांसी-कानपुर पैसेंजर ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। ट्रेन नंबर 12542, 2522,12541,12534 को डाइवर्ट किया गया है।
सुरेश प्रभु ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की भी घोषणा की है।
बचाव कार्य लगातार जारी है। एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। ट्रेन के भीतर फंसे हुए लोगों को गैस कटर की मदद से बाहर निकाला जा रहा है।