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चार साल में बढ़े कैंसर के 1.98 लाख मरीज, यूपी सबसे ज्यादा खराब हालात

Thu, 03 Jan 2019 09:10 PM IST
आसिम खान परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
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राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले चार साल के दौरान कैंसर के करीब 1.98 लाख मरीज बढ़े हैं। वहीं 2015-18 के बीच कैंसर मरीजों की मौत में भी इजाफा हुआ है। दरअसल एक दिन पहले केंद्रीय कैबिनेट बैठक में कहा गया था कि तंबाकू सेवन में 6 फीसदी की कमी आई है, जिसके चलते कैंसर, मधुमेह आदि बीमारियों के मामले घटे हैं।

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स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि देश के लगभग सभी राज्यों में कैंसर के मरीज और उनकी मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। वायु प्रदूषण के साथ-साथ तंबाकू सेवन, आराम परस्त जीवनशैली और असंतुलित आहार इनकी मुख्य वजह हैं। कैंसर की रोकथाम को लेकर हाल ही में केंद्र ने विभिन्न राज्यों के करीब 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। 

इसके तहत राज्य कैंसर इंस्टीट्यूट और तृतीयक परिचर्या कैंसर केंद्र की स्थापना होगी। वहीं झज्जर स्थित बाढ़सा में तैयार राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की तर्ज पर कोलकाता में भी ऐसे संस्थान की मंजूरी दी है। हालांकि अधिकारी मानते हैं कि अभी देश में चल रहे कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम नाकाफी साबित हो रहे हैं। 
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क्या है रिपोर्ट में

साल 2018 के अंत तक देश में कैंसर के 15.86 लाख मरीज पाए गए। जबकि वर्ष भर में कैंसर से 8.1 लाख मरीजों की मौत हो गई। वर्ष 2015 में 13.88 लाख कैंसर के रोगी थे। वर्ष 2016 में 14.51 लाख, 2017 में 15.17 लाख मरीज दर्ज किए गए। वहीं 2015 में 7 लाख, 2016 में 7.32 लाख और 2017 में 7.66 लाख मरीजों की इससे मौत हुई।     

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा खराब हालात

कैंसर के मामले में यूपी की हालत सबसे खराब है। रिपोर्ट के अनुसार 2018 में यूपी में कैंसर के 2.70 लाख मरीज सामने आए। हरियाणा में 33 हजार, उत्तरांचल में 13 हजार, पंजाब में 35 हजार, दिल्ली में 21 हजार, जम्मू-कश्मीर में 17 हजार कैंसर मरीज मिले हैं। इस अवधि में यूपी में कैंसर से जहां 1.36 लाख लोगों की मौत हुई, वहीं हरियाणा में 16 हजार, पंजाब में 17771, उत्तरांचल में 6883, हिमाचल में 4 और जम्मू-कश्मीर में 8788 और दिल्ली में 11039 लोगों की मौत हुई।

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