इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता इस वक्त गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझ रही है। इस साल जून में ही शहर में खराब एयर क्वालिटी का स्तर कई बार दिल्ली और बीजिंग जैसे शहरों से आगे निकल गया। अब पर्यावरणविद और कार्यकर्ताओं ने लोगों के साथ मिलकर सरकार पर केस दर्ज कराने का फैसला कर लिया है।
जकार्ता में रहने वाले लोगों ने हाल ही में 2018 और कुछ दिन पहले की फोटो पोस्ट कर शहर में प्रदूषण के स्तर तुलना की। 25 जून को जकार्ता का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 240 से ऊपर चला गया था। इस दौरान लंदन का एक्यूआई 12 और सैन फ्रांसिस्को का एक्यूआई 26 था। सरकारी कर्मचारी, व्यापारी और कला के क्षेत्र में काम करने वाले लोग सरकार के खिलाफ मुहिम में हिस्सा ले रहे हैं। सरकार के खिलाफ केस का मतलब यह केस सीधा इंडोनेशिया के राष्ट्रपति पर दायर होगा। इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पर्यावरण मंत्रालय और जकार्ता, बांतेन और पश्चिमी जावा के गवर्नरों को भी केस में शामिल किया जाएगा।
वायु प्रदूषण के बढ़ने से शरीर में खनिज की मात्रा कम होने के कारण हड्डियों के टूटने का खतरा बढ़ सकता है। एक प्रमुख अध्ययन में यह दावा किया गया है। द लैनसेट प्लैनेटरी हेल्थ मैगजीन में प्रकाशित अध्ययन में पहली बार अस्पताल में उन समुदायों के लोगों के हड्डियां टूटने के मामलों के बारे में जानकारी दी गई है, जो ऐसी जगहों पर रहते हैं जहां पार्टिक्यूलेट मैटर (पीएम) उच्च स्तर पर है, जो कि वायु प्रदूषण का उच्च घटक है।
ऑस्टियोपरोसिस पता करने के लिए कई टेस्ट हैं। बीमारी से बचने के लिए डॉक्टर्स कई तरह की दवाएं देते हैं। इसमें कैल्शियम और विटामिन डी3 का सेवन फायदेमंद होता है।