लोगों के बहकावे में आकर
कछुए और खरगोश में फिर से दौड़ लग गई।
कुछ दूरी पर जा कर खरगोश ने देखा कि कछुआ बहुत दूर है
और
उसने सामने के ठेके से एक बोतल ली और पीना शुरू कर दिया..!
दो या तीन पैग पीने के बाद,
सामने कछुए को आते हुए देखा।
बोला : "दोस्त, आज तू भी ले।"
कछुआ भी बैठ गया और पीते पीते बोतल खत्म हो गई ।
कछुए ने कहा: "तुम मेरे इतने अच्छे दोस्त हो, और मैं तुम्हारे साथ दौड़ने की होड़ के लिए लोगों की बातों में आ गया। तुम्हारे साथ क्या हार , क्या जीत।"
फिर दोनों खुशी-खुशी घर चले गए।
सीख: -
अपने दोस्तों के साथ किस बात की रेस।
ऐसे हर समय हार जीत के पीछे भागते मत रहो।
साथ मै बैठो, दो पैग लो
और
देखो जिंदगी कितनी हसीन है।