जेलर: तुम्हें कल सुबह 5 बजे फांसी दी जाएगी। बंटू: हाहाहाहाहा जेलर: क्या हुआ, हंस क्यों रहे हो? बंटू: मैं तो उठता ही सुबह 9 बजे हूं।