एक आदमी महा कंजूस था। उसने एक शीशी में घी भर कर उसका मुँह बंद करके रखा हुआ था। जब वह और उसके बेटे खाना खाते, तब शीशी को रोटी से रगड़ कर खाना खा लेते थे।
एक बार कंजूस किसी काम से बाहर चला गया। लौटने पर उसने बेटों से पूछा, "खाना खा लिया था।"
बेटे बोले- हाँ पिताजी।