एक आदमी की शादी को 20 साल हो गए थे। लेकिन उसने आज तक अपनी पत्नी के हाथ से बने खाने की तारीफ नहीं की।
एक दिन जब वो दफ्तर जा रहा था तो रास्ते में उसे एक बाबा मिले। बाबा ने उस आदमी को रोका और कुछ खाने को माँगा। आदमी ने बाबा को घर से लाया खाना खिला दिया। बाबा बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने आदमी से कहा- अगर कोई समस्या है तो बताओ, हम उसका हल कर देंगे।
आदमी बोला- "बाबा जी, बहुत समय से कोशिश कर रहा हूँ लेकिन काम में तरक्की नहीं हो रही।"
बाबा- बेटा, तुमने अपनी पत्नी के खाने की कभी तारीफ नहीं की। अपनी पत्नी के खाने की तारीफ करो, तुम्हें अवश्य तरक्की मिलेगी।